अगर आप यौन संबंधों को लेकर कोई रुचि नहीं रखते तो कोई बात नहीं विश्व में आपकी तरह के और भी कई लोग हैं। कई ऐसे पुरुष और महिलाएं हैं जिन्हें दूसरों के प्रति कोई शारीरिक आकर्षण महसूस नहीं होता।
‘असेक्सुअल’ नामक ऐसे लोगों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है और उनकी मांग है कि यौन संबंध न बनाने के इच्छुक लोगों की भी एक श्रेणी होनी चाहिए और इसे मान्यता भी दी जानी चाहिए।
नवीनतम अनुमानों के मुताबिक ऐसे लोगों की संख्या आबादी का एक प्रतिशत हो सकता है। 2001 में पहली बार असेक्सुअल्स लोगों ने अपने को संगठित करना शुरू किया और उन्होंने एक वेबसाइट की शुरुआत की। जल्द ही इससे दुनिया भर से 50000 से ज्यादा लोग जुड़ गए। इसके बाद से यह समुदाय लगातार अपनी ओर ध्यान बंटाने की कोशिश कर रहा है।
साउथबैंक विश्वविद्यालय में असेक्सुअलिटी पर चर्चा के लिए पहली बार जुलाई में गैर अकादमिक सम्मेलन हुआ। वर्ल्ड प्राइड कॉन्फ्रेंस के आयोजनकर्ता माइकल डोर ने कहा कि हम चाहते हैं कि असेक्सुअलिटी को भी मान्यता दी जाए न कि इसे कोई बीमारी माना जाए या ऐसा कुछ समझा जाए कि लोगों को इसे छिपाना पड़े। (भाषा)