सीरिया की औद्योगिक राजधानी अलेप्पो में पिछले दो दिनों से जारी भीषण संघर्ष के बीच रविवार को 168 लोग मारे गए, जिनमें 94 आम लोग, 33 विद्रोही और 41 सैनिक शामिल हैं।
भीषण संघर्ष जारी रहने के बीच सेना ने विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में हमले तेज कर दिए। सेना द्वारा हमले तेज किए जाने से बड़ी संख्या में आम लोगों के फंसे होने की आशंका बढ़ गई है।
विपक्षी ‘सीरियन नेशनल काउंसिल (एसएनसी)’ ने राष्ट्रपति बशर अल-असद पर शहर में नरसंहार की तैयारी करने का आरोप लगाया है। उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से आकस्मिक बैठक बुलाने की मांग की है। उधर एसएनसी प्रमुख अब्दुल बसेत सयदा ने विदेशी सरकारों से व्रिदोहियों को भारी हथियार मुहैया कराने की अपील की है।
अंतरराष्ट्रीय शांति दूत कोफी अन्ना ने दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि सिर्फ राजनीतिक समाधान ही इस समस्या का हल निकाल सकता है। मानवाधिकार निगरानीकर्ताओं के मुताबिक पिछले वर्ष मार्च से शुरू हुए इस विद्रोह में अभी तक 20 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
अपना नाम अबु आला बताने वाले एक कार्यकर्ता ने कहा कि अलेप्पो के दक्षिण पश्चिम में स्थित सलाहेद्दीन जिले में फिर गोलाबारी शुरू हो गई है। उसने कहा कि बाब ई-नसर, बाब अल-हदीद और सिटी सेंटर के ओल्ड सिटी में भी विद्रोहियों और सेना के बीच झड़पें हुईं। कार्यकर्ता अबु आला ने कहा कि जिले की गलियों के संकरी होने, बाजार होने और घनी बस्तियों के कारण वहां टैंकों और दूर से गोलाबारी कठिन है।
दो दिन की तैयारी के बाद टैंकों और हथियार युक्त हेलीकॉप्टरों से युक्त सेना ने शनिवार को सलाहेद्दीन में जमीनी हमला शुरू किया। विद्रोहियों ने 20 जुलाई को अलेप्पो के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा करने के बाद अपने सैनिकों को यहीं जमा किया था। दोनों पक्षों ने जीत की ओर बढ़ने का दावा किया है लेकिन विद्रोहियों ने सेना का कड़ा प्रतिरोध किया है।
दूसरी ओर सीरिया के विदेश मंत्री वलीद अल-मुआलम रविवार को तेहरान पहुंचे। उनकी यात्रा की पहले से कोई निर्धारित योजना नहीं थी।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस दौरे की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार अल-मुआलेम की अगुवाई ईरान के विदेश मंत्री अली अकबर सालेही ने की। दोनों आज एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। (भाषा)