एक निगरानी समूह ने दावा किया है कि दमिश्क के उपनगरों में रिपब्लिकन गार्ड की चौकियों के समीप विद्रोहियों और सीरियाई सेना की यूनिटों के बीच भीषण संघर्ष हो रहा है और देश भर में हिंसक घटनाओं में 116 लोग मारे जा चुके हैं।
‘द सीरियाई ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने कहा कि मृतकों में 68 नागरिक, 41 सैनिक और सात विद्रोही शामिल हैं।
ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रामी अब्देल रहमान ने कल कहा कि दमिश्क से करीब आठ किमी दूर कुदसिया और अल हामा में रिपब्लिकन गार्ड की चौकियों के समीप भीषण टकराव हो रहा है। सैनिकों की गोलीबारी के दौरान अलहामा में 15 लोगों और कुदसिया में 11 लोगों सहित 28 लोग दमिश्क में और आसपास मारे गए।
अब्देल रहमान ने कहा कि यह पहला मौका है जब प्रशासन ने राजधानी के समीप संघर्ष में तोपों का उपयोग किया। दमिश्क में कार्यकर्ताओं के प्रवक्ता अबू उमर ने कहा कि अल हामा और कुदसिया में संचार व्यवस्था काट दी गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी बल टैंक के साथ पहुंचे हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी एसएएनए ने कहा कि इसी बीच, अल हामा में सरकारी बलों और सशस्त्र आतंकवादी समूहों के बीच टकराव हुआ। एसएएनए ने कहा कि सशस्त्र समूहों ने नागरिकों पर तथा कानून बहाल करने वाले बलों पर हमला किया तथा हथियारों को लाने ले जाने के लिए ओल्ड बेरूत रोड बंद कर दी।
एजेंसी के अनुसार, संघर्ष में दर्जनों आतंकवादी मारे गए और कई गिरफ्तार कर लिए गए। हथियार और गोलाबारूद भी जब्त किया गया।
ऑब्जर्वेटरी ने खबर दी है कि पूर्वी शहर दीर एजॅर में एक बच्चे सहित पांच लोग मारे गए। आसपास के कई इलाकों में सेना पहुंच चुकी है। समीप के इलाकों में तीन लोग मारे गए।
ब्रिटेन स्थित ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि इदलिब प्रांत में सेना की गोलीबारी में दो भाई बहनों सहित 13 नागरिक मारे गए। यहां दो विद्रोही भी मारे गए। हामा प्रांत में एक विद्रोही कमांडर और सेना से अलग हुए एक अधिकारी की जान चली गई। (भाषा)