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संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के गुरुवार को गाजा पट्टी में प्रवेश करने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले पर जूते, बालू और छोटे पत्थर फेंके। करीब 50 लोगों ने बान की कार पर ये सामान फेंके जबकि वह अपनी कार से वहां से गुजर गए। इन प्रदर्शनकारियों में अनेक ऐसे हैं, जिनके परिवार का कोई सदस्य इसराइल की जेल में बंद है।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक बान के मिलने और इसराइल में फलस्तीनी कैदियों की स्थिति पर बातचीत करने से इनकार कर देने के बाद उन लोगों ने ऐसा किया। कुछ प्रदर्शनकारी अंग्रेजी में कह रहे थेबान की मून इसराइल के पक्षपाती हैं। बान का काफिला कुछ देर के लिए रूका लेकिन बाद में वह खान यूनिस के लिए रवाना हो गया।

आंतरिक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एक पुलिस अधिकारी समेत 79 लोगों की मौत हो गई जबकि 248 अन्य घायल हैं। घायलों में 14 पुलिसकर्मी शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि हिंसा के मामलों में 74 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने बताया था कि कल की हिंसा में कम से कम 68 व्यक्तियों की मौत हुई है।

एक सुरक्षा अधिकारी और एक चिकित्सक ने बताया कि मिस्र की शीर्ष टीम अहले के खिलाफ 3-1 से विजय हासिल करने के बाद घरेलू टीम मासरी के प्रशंसक झुंड बना कर मैदान में घुस आए। उन्होंने दर्शकों पर पत्थर, बोतलें फेंकी और आतिशबाजी भी की जिससे कुछ खिलाड़ी घायल हो गए।

नाम नहीं बताने की शर्त पर पोर्ट सईद के एक शवगृह के एक चिकित्सक ने बताया कि मृतकों में कुछ सुरक्षा अधिकारी भी हैं। मौत के निश्चित कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

एक खिलाड़ी सैयद हमदी ने सरकारी टीवी को बताया कि सुरक्षा कारणों से बाद में खिलाड़ियों को लॉकर कक्ष में ले जाया गया। मिस्र के सरकारी टेलीविजन पर अहले के गोलकीपिंग कोच अहमद नगी ने बताया कि एक प्रशंसक की ड्रेसिंग रूम में मौत हो गई।

नगी ने बताया था कि हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं। मिस्र की सत्ता संभाले सशस्त्र बलों की सुप्रीम काउंसिल ने इस बीच एक बयान में कहा कि एक समिति हिंसा की परिस्थितियों की जांच करेगी।

उधर दंगाइयों से निबटने के पुलिस के तरीकों से नाराज लोगों की भीड़ ने राजधानी काहिरा के तहरीर चौक को जाम कर दिया। उन्होंने सरकारी टीवी को भी भी जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने तहरीर चौक को जाम करने के लिए धातु के अवरोध के साथ ही वाहनों का उपयोग किया।

अल अहली समर्थक मोहम्मद अब्दुल हामिद ने कहा लोग किसी भी अन्य चीज से ज्यादा सरकार से नाराज हैं। लोग सचमुच गुस्से में हैं, उनका गुस्सा आप उनकी आंखों में देख सकते हैं।

सैकड़ों लोग काहिरा के मुख्य रेल स्टेशन पहूंचे जहां पोर्ट सईद से घायल और शव पहुंचे। कुछ से सैन्य शासन के खिलाफ नारे भी लगाए। सैन्य टुकड़िया पोर्ट सईद में तैनात की गई हैं। वे पुलिस के साथ अस्पतालों और मुर्दाघरों के पास गश्त कर रही हैं। इस बीच ज्यादातर सड़कों से पुलिस नदारद है।

सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार हिंसा के बाद पोर्ट सईद के सुरक्षा प्रमुख एस्साम समाक को बर्खास्त कर दिया गया है।

मिस्र की सत्ताधारी सेना परिषद के प्रमुख फील्ड मार्शल हुसैन तनतावी काहिरा के निकट एक वायु ठिकाने गए। वहां उन्होंने अल-अहली क्लब के खिलाड़ियों से मुलाकात की। इन खिलाड़ियों को एक सैन्य वायुयान में पोर्ट सईद लौटा लिया गया।
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