मैं ईसाई हूं फिर भी हिन्दू राष्ट्र के साथ हूं...

पुनः संशोधित सोमवार, 19 जून 2017 (12:45 IST)
गोवा। मैं होते हुए भी आपके साथ हूं, क्योंकि मैं हिन्दुस्थानी हूं और मुझे इसका अभिमान है। मैं ईसाई होकर भी की मांग करने वाले इस अधिवेशन में उपस्थित हुआ, क्योंकि हिन्दू राष्ट्र सर्व धर्मों से श्रेष्ठ है, ऐसा मैं मानता हूं।
गोवा के रामनाथ देवस्थान में हो रहे छठे अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में गोवा क्रानिकल के संपादक ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र के संघर्ष में मैं आपके साथ हूं। मैं संसार को दिखाने के लिए यहां उपस्थित हुआ क्योंकि मुझे संसार को बताना है कि धर्म के आधार पर भारत विभाजित नहीं है, अपितु संगठित है। भारतीयों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि हिन्दू राष्ट्र अभी नहीं, तो आगे कभी नहीं बनेगा।
 
उन्होंने कहा कि हिन्दू राष्ट्र संकीर्ण कल्पना नहीं है। वह भारत की संस्कृति, मूल्य, श्रद्धा के अंतर्भाव से युक्त उच्च अवधारणा है और वर्तमान काल में संसार के लिए भी हिन्दू राष्ट्र ही आशा स्थान है।
 
सम्मेलन में ही हिन्दू हेल्पलाइन, मुंबई के पारस राजपूत ने कहा कि जितना पश्‍चिमी राष्ट्रों को इस्लामिक स्टेट (आईएस) से धोखा है, उतनी ही बड़ी मात्रा में वह भारत को भी है। इस संकट को गंभीरता से लेना चाहिए। यदि आईएस के विरुद्ध संघर्ष को सफल बनाना है, तो सभी को संगठित होकर लडना पडेगा। 

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