प्रद्युम्न हत्याकांड : एसआईटी ने किया रेयान स्कूल का निरीक्षण

पुनः संशोधित बुधवार, 13 सितम्बर 2017 (21:09 IST)
Widgets Magazine
गुड़गांव। गुड़गांव के में सात साल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के पांच दिन बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आज स्कूल परिसर की तलाशी ली ताकि मामले से जुड़ा कोई सुराग मिल सके। दूसरी ओर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की एक समिति ने भी सुरक्षा इंतजामों में खामियों का पता लगाने के लिए स्कूल परिसर का दौरा किया।
 
की जांच कर रही की एसआईटी ने मौका-ए-वारदात से अंगुलियों और जूतों के निशान लिए। एसआईटी ने हत्या के दिन के पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ कर वास्तविक तस्वीर पता लगाने की कोशिश की। एसआईटी ने संदिग्ध जगहों की तस्वीरें ली और वीडियो भी शूट किए।
 
एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘एसआईटी ऐसा कोई सबूत नहीं छोड़ना चाहती जो मामले को सुलझाने में अहम साबित हो सकता है। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने में तीन दिन बचे हैं, ऐसे में हमें आरोपी स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार के खिलाफ अहम सुराग मिले हैं।’ 
 
सीबीएसई के उप-निदेशक (सुरक्षा) डी अरुण कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय टीम ने गुड़गांव के भोंडसी स्थित स्कूल के हर कोने का निरीक्षण किया ताकि स्कूल परिसर में सुरक्षा से जुड़ी खामियों का पता लगाया जा सके।
 
सूत्रों ने बताया कि सीबीएसई की टीम मानव संसाधन विकास मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी के एक अधिकारी ने बताया कि अशोक के खून के नमूने, उसके कपड़ों के नमूनों को डीएनए जांच और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। करनाल के मधुबन स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला में उनकी जांच होगी। कानूनी कारणों से अशोक की ‘पोटेंसी टेस्ट’ भी कराई गई।
 
उन्होंने बताया कि सोहना की एक अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने जिन दो छात्रों ने चश्मदीद के तौर पर अपना बयान दर्ज कराया गया है, उन्हें उनके घर के बाहर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। अधिकारी ने बताया कि सभी संदिग्धों से पूछताछ भी चल रही है। कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना है।
 
इस बीच, प्रद्युम्न के साथ उसकी कक्षा में पढ़ने वाला वह छात्र डरा हुआ है, जिसे स्कूल के एक शिक्षक ने मृत बच्चे का खून से सना बैग और बोतल साफ करने के लिए कहा था। इस मामले में स्कूल का माली हरपाल सिंह भी अहम चश्मदीद गवाह है। (भाषा) 
Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।