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रिजर्व बैंक ने फर्जी ई मेलों के बारे में चेताया

पुनः संशोधित गुरुवार, 5 जुलाई 2018 (16:30 IST)
मुंबई। के नाम का उपयोग कर आम लोगों को ठगने की गतिविधियों के बीच केंद्रीय बैंक ने आम लोगों को इस तरह के जालसाजों से सचेत रहने के लिए कहा है। केंद्रीय बैंक नियमित अंतराल पर लोगों को अगाह करता रहता है।

उसने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोग आरबीआई के नाम का उपयोग करके आम जनता के साथ धोखाधड़ी करते हैं। ये तत्व आरबीआई के नकली लेटर हेड का उपयोग करते हुए आरबीआई के कर्मचारी होने के नाम पर ई-मेल भेजते हैं और लोगों को विदेशों से जाली प्रस्तावों/ लॉटरी जीतने/ विदेशी मुद्रा में सस्ते धन के प्रेषण का प्रलोभन देते हैं और उनसे मुद्रा प्रोसेसिंग शुल्क, विदेशी मुद्रा रूपांतरण शुल्क, पूर्व-भुगतान इत्यादि के रूप में धन की वसूली करते हैं।
रिजर्व बैंक अपने 'जन-जागरूकता अभियान' के रूप में जनता को एसएमएस भेजने, आउटडोर विज्ञापन और टेलीकास्टिंग जागरूकता फिल्मों जैसे विभिन्न तरीकों के माध्यम से फर्जी ई-मेलों पर जागरूकता फैला रहा है। उसने कहा कि रिजर्व बैंक किसी भी व्‍यक्ति का खाता नहीं रखता है। उसके अधिकारियों के नाम पर धोखेबाजों से सावधान रहने के लिए कहा है।

रिजर्व बैंक का कोई भी व्‍यक्ति लॉटरी जीतने/ विदेश से धनराशि प्राप्‍त करने के बारे में कोई फोन नहीं करता है और न ही लॉटरी इत्यादि जीतने के संबंध में कोई ई-मेल भेजता है। रिजर्व बैंक लॉटरी जीतने अथवा विदेश से निधि प्राप्‍त करने के जाली प्रस्‍तावों के लिए कोई एसएमएस अथवा पत्र अथवा ई-मेल नहीं भेजता है।
उसने लोगों से ऐसी धोखाधड़ी के बारे में स्‍थानीय पुलिस अथवा साइबर क्राइम प्राधिकारी को जानकारी देने की अपील करते हुए आम लोगों को ऐसे लोगों/संस्थाओं के पत्राचार का जवाब न देने और आरबीआई के नाम से प्राप्त धोखाधड़ीपूर्ण ई-मेल पर विश्वास नहीं करने की सलाह दी है। (वार्ता)

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