पुणे हिंसा की आग मुंबई पहुंची, 160 से ज्यादा बसें क्षतिग्रस्त

Last Updated: बुधवार, 3 जनवरी 2018 (00:22 IST)
मुंबई, पुणे, औरंगाबाद। के पुणे जिले में भीमा युद्ध की 200वीं सालगिराह के दौरान हुई हिंसा की आग आज मुंबई समेत राज्य के कई शहरों में फैल गई। दलित प्रदर्शनकारियों ने कई बसों को क्षतिग्रस्त किया और सड़क तथा रेल यातायात को बाधित किया। कल पुणे में दलित समूहों और दक्षिणपंथी हिन्दू संगठनों के बीच संघर्ष हो गया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। दलित संगठनों ने बुधवार को 'महाराष्ट्र बंद' का आह्वान किया है।

जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ शिकायत दर्ज : पुणे में जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के खिलाफ भड़काऊ बयान देने की शिकायत की गई है। पिंपरी पुलिस ने भी हिंसा भड़काने के आरोप में हिन्दू एकता अघादी के प्रमुख मिलिंद एकबोते तथा शिवराज प्रतिष्ठान के अध्यक्ष संभाजी भिड़े के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। दोनों संगठनों ने युद्ध में ‘ब्रिटेन की जीत’ का जश्न मनाने का विरोध किया था। पुलिस ने बताया कि मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने 160 से ज्यादा बसों को क्षतिग्रस्त किया।

मुख्यमंत्री ने दिए न्यायिक जांच के आदेश : 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे हिंसा मामले में बंबई उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं और शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि कल की हिंसा के पीछे क्या कोई साजिश थी इसका पता लगाने की जरूरत है।

10 लाख रुपए का मुआवजा : फडणवीस ने कहा कि हिंसा में मारे गए युवक के परिजनों को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा और उसकी मौत की जांच सीआईडी करेगी। भारिप बहुजन महासंघ के नेता और बीआर अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने हिंसा रोकने में सरकार की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कल महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है।

औरंगाबाद के आईजी का बयान : औरंगाबाद आईजी मिलिंद भांद्रे ने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील कर बताया कि कहीं भी फायरिंग नहीं हुई और सिर्फ कुछ जगहों पर भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज हुआ है। फिलहाल यहां अभी शांति है।

बुधवार को बंद की अपील : दलित लीडर और डॉ. भीमराव अम्बेडकर के पोते प्रकाश अम्बेडकर ने हिंसा के विरोध में बुधवार को एक दिन के महाराष्ट्र बंद की अपील की है।

पुलिस ने कसी कमर : हिंसा को देखते हु पुलिस ने भी कमर कस ली है। मोबाइल टॉवर बंद करने और नेटवर्क जैमर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सीआरपीएफ की दो टुकड़ियां शिकरापुर स्टेशन में तैनात की गई है। पुलिस की 6 कंपनियां लगाई गई हैं। एंटी रॉइट स्क्वॉड भी तैनात की गई है।
क्या है मामला : नए साल के मौके पर पुणे के कोरेगांव में मनाया गया था। इसके बाद दो समुदायों के बीच झड़प हो गई थी। पुणे की जातीय हिंसा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सरकार को बदनाम करने की साजिश है।

यह है पूरा मामला : 1 जनवरी 1818 में कोरेगांव भीमा की लड़ाई में पेशवा बाजीराव द्वितीय पर अंग्रेजों ने जीत दर्ज की थी। इसमें कुछ संख्या में दलित भी शामिल थे। अंग्रेजों ने कोरेगांव भीमा में अपनी जीत के स्मरण में जय स्तंभ का निर्माण कराया था। बाद में यह दलितों का प्रतीक बन गया। हजारों की संख्या में दलित समुदाय के लोग हर साल यहां आकर श्रद्धांजलि देते हैं।


सोमवार को पुणे से 40 किलोमीटर दूर कोरेगांव में दो गुटों के बीच हिंसा

राजनाथ सिंह ने स्थिति का जायजा लिया : इस बीच, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्थिति का जायजा लेने के लिए नई दिल्ली से फडणवीस से फोन पर बात की है। सिंह को बताया गया है कि सब कुछ नियंत्रण में है और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने किया ट्‍वीट : कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने भीमा-कोरेगांव युद्ध के जश्न के कार्यक्रम को आरएसएस-भाजपा की फासीवादी दृष्टि के विरोध का ‘प्रबल प्रतीक’ करार दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत में आरएसएस/भाजपा की फासीवादी दृष्टि का केंद्र स्तंभ यह है दलित भारतीय समाज में नीचे रहने चाहिए। उना, रोहित वेमुला और अब भीमा-कोरेगांव विरोध के प्रबल प्रतीक हैं।’

खबरिया चैनल के पत्रकार पर हमला : मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने उपनगरों में सड़क यातायात और हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवा को बाधित किया। उन्होंने कई इलाकों में सड़कों को अवरुद्ध किया, जबरन दुकानें बंद कराईं तथा एक खबरिया चैनल के पत्रकार पर हमला किया।

जगह-जगह प्रदर्शन : चेंबुर में प्रदर्शनकारियों ने रेल रोको प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि चेंबुर, विक्रोली, मानखुर्द और गोवंडी में प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किए।पूर्वी एक्सप्रेस राजमार्ग पर प्रियदर्शिनी, कुर्ला सिद्धार्थ कॉलोनी और अमर महल क्षेत्रों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हो गए। उन्होंने जुलूस निकाला और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने बताया कि कोल्हापुर, परभनी, लातूर, अहमदनगर, औरंगाबाद, हिंगोली, नांदेड़ और ठाणे जिलों में प्रदर्शन हुए।

व्हाट्‍सऐप पर आग का वीडियो : देर रात व्हाट्‍सऐप पर आग का एक वीडियो लोगों ने शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि चेम्बुर इलाके में दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है। हालांकि सोशल मीडिया पर कहीं भी इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है। चेम्बुर इलाके में एक पुल के पास कई वाहन जलते हुए वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। यह पता नहीं चल पाया है कि यह वीडियो हालिया हिंसा का है या फिर पहले का।
ट्‍विटर पर कोई अपडेशन नहीं : ट्‍विटर पर पुणे-मुंबई हिंसा को लेकर कोई अपडेट नहीं आ रहे हैं। जो भी अपडेट हैं वे देर शाम के है, जिसमें उजाला दिखाई दे रहा है जबकि रात में हुई हिंसा (मुंबई अथवा पुणे) की कोई जानकारी नहीं मिल रही है। पुणे से देर रात यह खबर है कि वहां पर शांति बनी हुई है। दोपहर में हुई हिंसा के बाद आईटी कंपनी और अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर जाने की इजाजत दे दी थी।

पुणे में सुबह हालात पर नजर होगी : पुणे में हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर लोग बुधवार की सुबह का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को कई जगह पुलिस की मुस्तैदी दिखाई दी। चूंकि पुणे आईटी हब है लिहाजा यहां पर दूरदराज शहर से आए नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि बुधवार की सुबह हालात सामान्य रहे, तभी वे अपने दफ्तर जाएंगे। वाकड़, हिंजवाड़ी और इसके आसपास के इलाके से देर रात कोई अप्रिय घटना के समाचार नहीं है।
(फोटो : गिरीश श्रीवास्तव)

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