मक्कारों की खैर नहीं! 67000 सरकारी कर्मचारियों की हो रही है समीक्षा...

पुनः संशोधित सोमवार, 19 जून 2017 (12:05 IST)
केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों सहित करीब 67 हजार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रही है।

बताया जाता है कि केन्द्र सरकार यह समीक्षा इसलिए कर रही है ताकि खराब प्रदर्शन करने वाले या यूं कहें कि और निठल्ले कर्मचारियों की पहचान की जा सके। खबर तो यह भी है कि समीक्षा के बाद काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जा सकती है।

सरकारी सूत्रों का मानना है कि समीक्षा के जरिए खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से बाहर कर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना है तथा कर्मचारियों के भरोसे को बढ़ाना है।
एक जानकारी के मुताबिक इनमें से लगभग 25,000 कर्मचारी अखिल भारतीय तथा समूह ए सेवाओं से हैं। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय राजस्व सेवा आदि आते हैं।

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