'भारत छोड़ो' आंदोलन में हिस्सा लेने वालों को मोदी की श्रद्धांजलि

Last Updated: गुरुवार, 9 अगस्त 2018 (12:05 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1942 के 'भारत छोड़ो' आंदोलन में हिस्सा लेने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि उस आंदोलन के जरिए महात्मा गांधी साम्राज्यवादी शासन की नींव हिला सके और इससे भारत की आजादी की लड़ाई को और बल मिला था।

मोदी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि 'भारत छोड़ो' आंदोलन में हिस्सा लेने वाली महिलाओं और पुरुषों को याद करते हुए नमन, महात्मा गांधी के आह्वान से देश को नया रूप मिला।
उन्होंने 1940 की कुछ आधिकारिक रिपोर्टों का हवाला भी दिया जिनमें कहा गया था कि यह आंदोलन व्यापक पैमाने पर फैल गया था और इसमें लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया था।

मोदी ने उस समय अटल बिहारी वाजपेयी की लिखी एक कविता को भी साझा किया, जो राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार के प्रयासों को धन्यवाद, मुझे 'भारत छोड़ो' आंदोलन के इतिहास से जुड़े कुछ कीमती हिस्से मिल सके और इन्हीं में अटलजी की एक कविता भी है, जो 1946 में एक समाचार पत्र 'अभ्युदय' में छपी थी। यह समाचार पत्र मदनमोहन मालवीय से जुड़ा था।
मोदी ने इस कविता 'सुनो प्रलय की अगवानी का स्वर उनवास पवन में' की एक फोटोकॉपी भी पोस्ट की है। गौरतलब है कि क्रिप्स मिशन की असफलता के बाद महात्मा गांधी ने 8 अगस्त 1942 को 'भारत छोड़ो' आंदोलन की शुरुआत की थी और इसमें 'करो या मरो' का शंखनाद भी दिया था। (वार्ता)

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