एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन जारी

सुरेश एस डुग्गर|
श्रीनगर। लगातार नुकसान सहने के बावजूद पाकिस्तानी सेना बाज नहीं आ रही है। यही कारण था कि वह लगातार तीसरे दिन भी एलओसी के कई इलाकों में रिहायशी बस्तियों पर गोले बरसा कर सीजफायर का उल्लंघन करने के साथ ही मासूम नागरिकों को पलायन के लिए मजबूर कर रही थी। हालांकि पाक सेना द्वारा इस ओर धकेले जा चुके आतंकियों को पकड़ने की खातिर समाचार भिजवाने तक कश्मीर के कई स्थानों पर सेना ने कासो छेड़ रखा था।
पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लघंन जारी है। पिछले 24 घंटों में पाकिस्तानी सेना ने तीन बार सीजफायर का उल्लंघन किया। कई स्थानों पर घुसपैठ की कोशिशें भी की गईं। घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकियों ने तीन इलाकों में गोलीबारी की। लेकिन सेना के जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए सीमा से बाहर खदेड़ दिया।

बुधवार सुबह 8 बजे से बालाकोट सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी चालू है। पुंछ के मालती और दिग्वार इलाके में भी गोलाबारी की घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लघंन किया था, जिसमें 10 साल के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं एक जवान की भी इस गोलीबारी में मौत हो गई थी। 27 सितंबर को पुंछ और भीम्बर सेक्टर में पाकिस्तान ने युद्ध विराम का उल्लघंन किया था।
इस बीच उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा जिले में सेना के जवानों का गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली सूचना के मुताबिक, बांडीपोरा जिले के हाजिन इलाके सेना को आतंकियों की मौजूदगी के इनपुट मिले थे। इस सूचना के बाद सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से इलाके में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
इस कार्रवाई के दौरान हाजिन इलाके में मौजूद कई घरों और संदिग्ध माने जा रहे ठिकानों की तलाशी ली जा रही है। वहीं सेना के जवान इस कार्रवाई के दौरान ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। सेना के इस सर्च ऑपरेशन के दौरान इलाके में हिंसा भड़कने की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

गौरतलब है कि बुधवार को हो रही इस कार्रवाई के पूर्व मंगलवार को श्रीनगर में जैश के आतंकियों ने बीएसएफ के एक कैंप को निशाना बनाया था। आतंकियों के इस हमले के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा जवाबी कार्रवाई करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। इस हमले के बाद सेना ने श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी विमानों के संचालन और यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने आंतरिक आकलन में आशंका जताई है कि आतंकी खौफनाक इरादे से घुसे थे। वे सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाकर आतंकियों की मौत का बदला लेना चाहते थे। अमूमन कश्मीर में जांच-पड़ताल और छापेमारी के मकसद से जाने वाले एनआईए के अधिकारी इस शिविर में ठहरते रहे हैं।

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