कठुआ रेप केस, मुफ्ती का फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का आग्रह

जम्मू। भाजपा के महासचिव राम माधव ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में सत्तारुढ़ पीडीपी-भाजपा गठबंधन को कोई खतरा नहीं है, क्योंकि दोनों दल समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। दूसरी ओर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले की सुनवाई के लिए जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया है।

राम माधव यहां शनिवार तड़के भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे। जम्मू कश्मीर के भाजपा प्रभारी माधव ने कहा कि हम हमारी पार्टी के विधायकों और इस्तीफा देने वाले दोनों मंत्रियों से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा और चीजों पर चर्चा की जाएगी।

इस बीच, श्रीनगर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कठुआ में हुए आठ साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले में अगले कदम पर चर्चा के लिए पार्टी विधायकों और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की। जानकार सूत्रों ने कहा कि महबूबा ने इस मामले में जल्द से जल्द सजा के लिए जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय से एक त्वरित अदालत के गठन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोपी पुलिस अधिकारियों के बर्खास्त करने की भी घोषणा की थी, जिनके खिलाफ आरोप पत्र दायर हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय की एक बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी और एक सप्ताह बाद उसका शव उसी इलाके में मिला था। गांव के ही एक मंदिर में एक सप्ताह तक उसके साथ कथित तौर पर छह लोगों ने बलात्कार किया। पीड़िता की हत्या करने से पहले नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया था। इस घटना के बाद से संपूर्ण भारत में रोष देखने को मिला।

वहीं दूसरी ओर कठुआ में एक बच्ची के साथ बलात्कार एवं हत्या के मामले के आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शामिल होने के अपने कदम का बचाव करते हुए भाजपा नेता चौधरी लाल सिंह ने शनिवार को कहा कि ऐसा मौजूदा स्थिति को शांत करने और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए किया गया। जम्मू-कश्मीर की गठबंधन सरकार में शामिल भाजपा नेता सिंह और चंदर प्रकाश गंगा ने मामले में 13 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था।

चौधरी ने कहा कि करीब 15 दिन पहले प्रवास के कारण उत्पन्न हुई स्थिति का शांत करने के लिए यह कदम उठाया गया। हमने उनसे कहा कि उन्हें वापस जाना चाहिए। अब्दुल गनी कोहली (मंत्री) को पीड़िता के घर भेजा गया था, ताकि वहां अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले की सुनवाई के लिए जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में मुख्य न्यायाधीश से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि यह अदालत 90 दिनों में मामले की सुनवाई पूरी कर लेगी और राज्य में यह इस तरह की पहली अदालत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी को भी बर्खास्त करने का फैसला किया है।

चार्जशीट के मुताबिक, स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया समेत सुरेंदर वर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता भी इस मामले में आरोपी हैं। इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि सरकार बच्चियों के साथ होने वाले यौन शोषण को रोकने को लेकर प्रतिबद्ध है और इसके लिए मौत की सजा का प्रावधान वाला कानून बनाएगी।

महबूबा ने कहा था कि उनकी सरकार इस मामले में कानून को बाधित नहीं होने देगी और बच्ची के साथ इंसाफ होगा। मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा था कि मैं पूरे देश को आश्वस्त करना चाहती हूं कि मैं सिर्फ आसिफा के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं हूं बल्कि उन अपराधों के लिए अनुकरणीय दंड की मांग करती हूं जिनके क्रूर कृत्य ने मानवता को शर्मसार किया है।

उन्होंने कहा कि हम एक और बच्ची को इस तरह से पीड़ित नहीं होने देंगे। हम एक नया कानून लाएंगे जिसमें बच्चियों के साथ यौन शोषण करने वालों के लिए मौत की सजा अनिवार्य होगी, ताकि इस मासूम बच्ची का मामला इस तरह का आखिरी मामला रह जाए।

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