जॉब सेक्टर में बहार, कंपनियों पर है इस बात का दबाव...

नई दिल्ली| पुनः संशोधित रविवार, 15 अप्रैल 2018 (14:52 IST)
नई दिल्ली। नियुक्तियों की रफ्तार बढ़ने से कंपनियों के ऊपर अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को बरकरार रखने का दबाव है और इस कारण कर्मियों के वेतन में इस साल 9 से 12 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
मानव संसाधन (एचआर) विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने कहा कि कंपनियां औसत और बेहतर प्रदर्शन करने
वाले कर्मचारियों में फर्क करने पर जोर दे रही हैं। वे इसके लिए वेतन वृद्धि आदि जैसे
उपाय अपना रही हैं।

उपभेाक्ता आधारित क्षेत्र जैसे एफएमसीजी/सीडी, खुदरा, मीडिया एवं विज्ञापन आदि इस साल सकारात्मक वेतन वृद्धि देने वाली है। ग्लोबल हंट के प्रबंध निदेशक सुनील गोयल ने कहा कि इस साल वेतनवृद्धि की दर 9 से 12 प्रतिशत रहेगी। यह पिछले साल की तुलना में कुछ अधिक है। वरिष्ठ पदों की तुलना में बीच के पदों पर वृद्धि की दर अधिक रहेगी।
एंटल इंटरनेशनल इंडिया के एमडी जोसेफ देवासिया ने कहा कि 2016-17 के लिए वेतनवृद्धि पर नोटबंदी का कुछ असर पड़ा जबकि 2017-18 में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) क्रियान्वयन ने कारोबार को प्रभावित किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था तथा रोजगार बाजार में अब तेजी आई है और 2018-19 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में काफी सकारात्मकता का अनुमान है। विभिन्न क्षेत्रों में नियुक्तियां तेज होने से कंपनियां बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को बनाए रखना चाहती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वेतन वृद्धि के मामले में बेंगलुरु और दिल्ली देश के अन्य शहरों जैसे मुंबई, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता आदि की तुलना में बेहतर रहेंगे। (भाषा)


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