जियो के डर ने करवाया आइडिया और वोडाफोन का विलय

पुनः संशोधित सोमवार, 20 मार्च 2017 (11:55 IST)
वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर का विलय भारत के टेलीकॉम सेक्टर की सबसे बड़ी ख़बर है।  इस घोषणा के साथ ही देश की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में इनका उभार होगा। पिछले कुछ दिनों से वोडाफोन और आइडिया बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की योजना पर काम कर रहे थे। वोडाफोन और आइडिया के विलय की इस घोषणा को रिलायंस जियो से टक्कर लेने से जोड़ा जा रहा है। अब आइडिया और वोडाफोन के विलय से देश की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में इनका उभार होगा।
 
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दोनों ही कंपनियों के लाखों ग्राहक हैं, लेकिन रिलायंस जियो के आकर्षक डाटा और कॉल प्लान के बाद कई ग्राहकों ने जियो अपना लिया है। आइडिया और वोडाफोन का यह विलय संभवत: जियो से मुकाबला करने के लिए ही हुआ है। 
 
नई कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत जबकि आइडिया की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत होगी। आगे जाकर आदित्य बिड़ला ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर हो जाएगा। आइडिया का वैल्युएशन 72,2000 करोड़ रुपया होगा। 
 
बड़ा सवाल यह है कि लगातार बाजार में पैठ बनाने वाली रिलायंस जियों कंपनी से आइडिया और वोडाफोन मिलकर किस हद तक मुकाबला कर पाएंगे? 

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