केंद्रीय कैबिनेट ने जीएसटी से जुड़े 4 बिलों को मंजूरी दी, जल्द होगा संसद में पेश

नई दिल्ली| Last Updated: सोमवार, 20 मार्च 2017 (14:46 IST)
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सोमवार को वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को लागू करने में सहायक 4 विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब इन विधेयकों को संसद में पेश किया जाएगा।
राज्यों को राजस्व नुकसान की स्थिति में उसकी भरपाई से जुड़े मुआवजा विधेयक, केंद्र में जीएसटी व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्रीय जीएसटी (सी-जीएसटी), अंतरराज्यीय व्यापार के लिए एकीकृत जीएसटी (आई-जीएसटी) और केंद्रशासित प्रदेश के लिए यूटी-जीएसटी विधेयकों को अब संसद में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार इन्हें धन विधेयक के तौर पर पेश किया जाएगा।
 
सूत्रों ने बताया कि जीएसटी से जुड़े पूरक विधेयकों के प्रारूप को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इन्हें अब इस सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा, यहां तक कि सोमवार को ही इन्हें पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जीएसटी विधेयकों को मंजूरी देना एकमात्र एजेंडा था।
 
सूत्रों ने बताया कि इन चारों विधेयकों पर संसद में एकसाथ चर्चा होगी। संसद में इनके पारित होते ही विभिन्न राज्यों में भी राज्य-जीएसटी पर विधानसभाओं में चर्चा और उन्हें पारित कराने का काम शुरू हो जाएगा।
 
उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद ने अपनी पिछली 2 बैठकों में राज्य जीएसटी सहित पांचों विधेयकों के प्रारूप पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी थी। राज्य-को विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में पारित कराया जाएगा जबकि अन्य 4 विधेयक संसद में पारित कराए जाएंगे।
 
सभी विधेयकों के पारित होने पर 1 जुलाई से देश में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को लागू किया जा सकेगा। जीएसटी परिषद ने जीएसटी के तहत 4 श्रेणियों में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दरें तय की हैं। (भाषा) 

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