पठानकोट एयरबेस पर थमी गोलीबारी, सर्च ऑपरेशन जारी

पठानकोट| पुनः संशोधित मंगलवार, 5 जनवरी 2016 (11:08 IST)
पठानकोट। भारतीय वायुसेना स्टेशन में घुसे आतंकियों के खिलाफ अभियान के चौथे दिन मंगलवार सुबह बंदूकें तो खामोश रहीं लेकिन सुरक्षाकर्मी इस प्रतिष्ठान की पूरी छानबीन के लिए खोजी एवं तलाशी अभियानों में जुटे रहे। इस बीच भारतीय एनएसए ने इस मामले में पाक एनएसए से बातचीत की है। रक्षामंत्री मनोहर पर्रीकर आज पठानकोट जा सकते हैं।
 
रक्षा सूत्रों ने कहा कि पंजाब स्थित एयरबेस पर गोलीबारी आज सुबह बंद हो गई। एयरबेस पर हमला शनिवार तड़के किया गया था। उन्होंने कहा कि रक्षा प्रतिष्ठान की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खोज एवं तलाशी अभियान जारी हैं।
 
सुरक्षा बलों ने कल में मौजूद दो और पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था। सरकार का कहना है कि इस तरह कुल छह हमलावरों को निष्क्रिय किया जा चुका है। बहरहाल, यह स्प्ष्ट नहीं है कि हमला बोलने वाले सभी घुसपैठियों का सफाया हो चुका है कि नहीं।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि चार आतंकियों के शव बरामद कर लिए गए हैं और बाकी दो आतंकियों के शव बरामद किए जाएंगे।
 
अधिकारियों द्वारा इन घुसपैठियों की संख्या छह बताई गई थी और जेटली द्वारा बताए गए आंकड़ों से प्रतीत होता है कि सभी आतंकी मारे जा चुके हैं। बहरहाल, सरकार में कोई भी यह कहने के लिए कल तैयार नहीं था कि बेस में और आतंकी नहीं हैं या फिर अभियान पूरा हो चुका है। 
 
एनएसजी के महानिरीक्षक मेजर जनरल दुष्यंत सिंह ने कहा था कि खोज और तलाशी अभियान तब तक जारी रहेंगे, जब तक हम अड्डे को पूरी तरह सुरक्षित न बना लें। मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सहयोगियों सुषमा स्वराज और मनोहर पर्रिकर के साथ एनएससी की बैठक में शिरकत करने वाले जेटली ने कहा था कि वायुसैन्य अड्डे की सभी संपत्ति सुरक्षित है।
 
जेटली ने कहा था कि सुरक्षा बलों ने आतंकियों को उसी स्थान पर सीमित कर दिया था, जहां से उन्होंने घुसपैठ की थी। उन्होंने इन आतंकियों को एयरबेस की संपत्ति से पर्याप्त दूरी पर ही रोक दिया था।
 
इसी बीच पठानकोट हमले और अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के मद्देनजर ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अगले सप्ताह वार्ताओं के लिए विदेश सचिव जयशंकर की इस्लामाबाद यात्रा को टाल दिया जाएगा।
 
ऐसी संभावना है कि दोनों देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अगले कुछ दिन में एक आपात बैठक कर सकते हैं और इसके बाद विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर निर्णय लिया जाएगा।

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