प्राइवेट जॉब करने वालों को मिल सकती है बड़ी राहत, संसद में आया बिल...

नई दिल्ली| Last Updated: शुक्रवार, 11 जनवरी 2019 (12:46 IST)
नई दिल्ली। अगर आप करते हैं तो ड्यूटी पूरी करने के बाद भी फोन और मेल का टेंशन बना रहता है। आपको इन फोन और मेल का जवाब भी देना होता है। इस वजह से लोगों की निजी जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों को इस समस्या ने निजात दिलाने के लिए एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में एक प्राइवेट मेंबर को पेश किया है।
इस बिल को राइट टू डिसकनेक्ट नाम दिया गया है। अगर यह बिल पास हो जाता है तो नौकरी करने वाले लोग अपने ऑफिस अवर्स के बाद कंपनी से आने वाले फोन कॉल्स और ईमेल का जवाब न देने का अधिकार हासिल कर लेंगे।

यह बिल कर्मचारियों के तनाव को कम करने की सोच के साथ लाया गया है। इससे कर्मचारी के पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच के तनाव को कम किया जा सकेगा। इस बिल के अध्ययन के लिए कल्याण प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। बिल का अध्ययन करने के बाद एक चार्टर भी तैयार किया जाएगा।
बताया गया है कि जिन कंपनियो में 10 से ज्यादा कर्मचारी हैं वे अपने कर्मचारियों के साथ बात करें और वो जो चाहते हैं वे चार्टर में शामिल करें। इसके बाद रिपोर्ट बनाई जाएगी।
बहरहाल, जो भी हो अगर राइट टू डिसकनेक्ट बिल पारित होकर कानून बन जाता है तो निश्‍चित रूप से प्रावइेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को इससे बड़ा फायदा होगा।


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