आम्बेडकर जयंती पर महू के स्मारक पहुंचने वाले कोविंद पहले राष्ट्रपति

Last Updated: शनिवार, 14 अप्रैल 2018 (01:08 IST)
इंदौर। राष्ट्रपति डॉ. बीआर आम्बेडकर की 127वीं जयंती पर शनिवार को 14 अप्रैल को उनकी जन्मस्थली महू में संविधान निर्माता के स्मारक पहुंचेंगे। यह बात इतिहास में दर्ज हो जाएगी, क्योंकि वह दशक भर पहले लोकार्पित स्मारक में आम्बेडकर जयंती के मौके पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने वाले देश के पहले राष्ट्रपति बन जाएंगे।

इंदौर के अ​तिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) कैलाश वानखेड़े ने शुक्रवार को बताया कि राष्ट्रपति जिले के करीब 4 घंटे के दौरे के तहत शनिवार को दोपहर महू पहुंचेंगे। वह सैन्य छावनी क्षेत्र में आम्बेडकर के स्मारक पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने पुष्टि की कि कोविंद आम्बेडकर जयन्ती पर महू के स्मारक पहुंचने वाले देश के पहले राष्ट्रपति होंगे।

वानखेड़े ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने आम्बेडकर जयंती पर महू में हर साल की तरह 'सामाजिक समरसता सम्मेलन' आयोजित किया है। राष्ट्रपति का इस सम्मेलन को संबोधित करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

एडीएम ने बताया कि प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत शनिवार को महू में आम्बेडकर जयन्ती के विभिन्न कार्य​क्रमों में शिरकत करने वाली हस्तियों में शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि आम्बेडकर जयंती पर महू में संविधान निर्माता के करीब 2 लाख अनुयायियों के जुटने की उम्मीद है। हर बार की तरह इनके भोजन, आवास और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं प्रदेश सरकार द्वारा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर 14 अप्रैल 2016 को संविधान निर्माता के महू स्थित स्मारक पहुंचकर इतिहास रचा था।

वह स्मारक पहुंचने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए थे। आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू के काली पलटन इलाके में हुआ था। प्रदेश सरकार ने उनकी जन्मस्थली पर बनाए गए स्मारक को 14 अप्रैल 2008 को उनकी 117 वीं जयन्ती के मौके पर लोकार्पित किया था।



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