हमेशा अपने दमदार अभिनय से मां के किरदार को जीवंत किया रीमा लागू ने


 
 
स्मृति-शेष 
रीमा लागू  (Reema Lagoo) का में हुआ था। रीमा के बचपन का नाम गुरिंदर भादभाड़े था। रीमा लागू जानी-मानी मंदाकनी भादभाड़े की बेटी हैं। 
 
रीमा लागू की अभिनय क्षमता का पता तब चला, जब वे पुणे में हुजूरपागा एचएचसीपी हाईस्कूल में छात्रा थीं। हाईस्कूल पूरा करने के तुरंत बाद उनके अभिनय की शुरुआत हुई। उन्होंने सबसे पहले पर काम करना शुरू किया। रीमा लागू का मराठी फिल्मों में पदार्पण ‘सिंहासन’ फिल्म के साथ 1979 में हुआ था। 
 
रीमा लागू  (Reema Lagoo) ने हिन्दी सिनेमा में अपना पदार्पण 1980 में आई फिल्म ‘कलयुग’ से एक सहायक अभिनेत्री के रूप में किया। रीमा लागू की शादी मराठी अभिनेता विवेक लागू के साथ हुई। विवेक लागू से शादी के बाद उनका नाम रीमा लागू हो गया। शादी के कुछ सालों बाद ही रीमा और विवेक में अलगाव हो गया। रीमा लागू और विवेक लागू की बेटी का नाम मृण्मयी लागू है, जो कि खुद एक फिल्म अभिनेत्री और साथ ही थिएटर निर्देशक भी हैं।
 
रीमा लागू ने ज्यादातर हिन्दी फिल्म उद्योग के बड़े नामों के साथ सहायक भूमिकाओं में काम किया है। रीमा लागू ने अपने जीवन में कई टेलीविजन धारावाहिकों में भी काम किया। रीमा लागू ने 1988 में आई हिन्दी फिल्म 'कयामत से कयामत तक' में जूही चावला की मां की भूमिका निभाई। रीमा लागू ने अरुणा राजे की 1988 में आई विनोद खन्ना और हेमा मालिनी अभिनीत 'रिहाई' फिल्म में भी एक खास भूमिका निभाई।
 
रीमा को असली पहचान 1989 में आई राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से मिली जिसमें उन्होंने सलमान खान की मां का किरदार निभाया। इसके बाद रीमा लागू ने फिल्म साजन में सलमान की मां का किरदार निभाया। दोनों ही फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर भारी सफलता मिली और ये सुपरहिट साबित हुईं। इसके बाद रीमा लागू ने 1993 में आई फिल्म गुमराह में श्रीदेवी की मां का किरदार निभाया। गुमराह फिल्म 1993 में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। 
 
रीमा लागू  (Reema Lagoo) ने 1994 में आई जयकिशन फिल्म में अक्षय कुमार की मां के किरदार को जीवंत किया। जयकिशन (1994) फिल्म को भी भारी वाणिज्यिक सफलता मिली और फिल्म सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद 1995 में आई रंगीला फिल्म में रीमा लागू ने उर्मिला मातोंडकर की मां के रूप में अभिनय किया। रंगीला फिल्म 1995 में बॉक्स ऑफिस पर वर्ष की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म थी।
 
रीमा लागू अभिनीत कई फिल्में बॉलीवुड में सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हैं जिसमें प्रमुख रूप से राजश्री प्रोडक्शंस की 1994 में आई हम आपके हैं कौन, जिसमें उन्होंने माधुरी दीक्षित की मां का किरदार निभाया है। ये दिल्लगी (1994) में अक्षय कुमार और सैफ अली खान की मां का किरदार निभाया है। 1994 में आई दिलवाले में अजय देवगन की मां का किरदार निभाया है। 1998 में आई कुछ कुछ होता है में काजोल की मां का किरदार निभाया और 2003 में आई कल हो ना हो में शाहरुख खान की मां के किरदार को जीवंत किया। 
 
रीमा लागू ने अपने फिल्मी जीवन में ज्यादातर फिल्मों में एक मध्ययुगीन मां की भूमिका निभाई है। रीमा लागू ने अपने करियर की शुरुआत में 1980 में आई आक्रोश फिल्म में डांसर का किरदार निभाया था। रीमा लागू ने 1999 में आई वास्तव फिल्म में एक चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई, जो डॉन (संजय दत्त) की मां की भूमिका में है, जो अपने बेटे को खुद अपने हाथों से मारती है। 
 
रीमा लागू  (Reema Lagoo) को सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शनों में से एक पंकज कपूर और रघुवीर यादव के साथ 1997 में आई प्रसिद्ध फिल्म रुई का बोझ में देखा जा सकता है। रीमा लागू ने अपने फिल्मी जीवन में सबसे ज्यादा बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मां के किरदार निभाए जिनमें प्रमुख रूप से मैंने प्यार किया, साजन, हम साथ-साथ हैं, जुडवां, पत्थर के फूल, शादी करके फंस गया यार, निश्चय और कहीं प्यार ना हो जाए हैं।
 
इसके साथ ही रीमा लागू ने कॉमेडी टीवी धारावाहिक ‘तू-तू, मैं-मै’ में सुप्रिया पिल्गांवकर के साथ अभिनय किया। इस सीरियल में रीमा लागू सुप्रिया पिल्गांवकर की सास के रूप में थी। इस सीरियल के लिए रीमा लागू को कॉमिक रोल के लिए इंडियन टैली अवॉर्ड का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला। इसके साथ ही रीमा लागू ने एक दर्जन से ज्यादा धारावाहिकों में काम किया जिसमें खानदान, महानगर, किरदार, आसमान से आगे, श्रीमान-श्रीमती, दो और दो पांच, वक्त की रप्तार, धड़कन, दो हंसों का जोड़ा, लाखों में एक, नामकरण प्रमुख रूप से हैं।
 
इसके साथ ही रीमा लागू ने मराठी सिनेमा में भी अपनी खास पहचान बनाई और कई मराठी फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया। उनकी प्रमुख मराठी फिल्मों में रेशमगांठ, शुभ मंगल सावधान, बलिदान, अग्निदिव्य, अनुमति, आमरस प्रमुख रूप से हैं। इनके अलावा भी रीमा लागू ने दर्जनों मराठी फिल्मों में काम किया है। रीमा लागू को सहायक अभिनेत्री के रूप में फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए मैंने प्यार किया, आशिकी, हम आपके हैं कौन, वास्तव फिल्मों के लिए नामांकन मिला।
 
कई दशकों तक रीमा लागू ने सलमान खान, शाहरुख खान, अक्षय कुमार जैसे आज के सुपरस्टार्स की ‘मां’ के किरदार को पर्दे पर जीवंत किया। फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से मां के किरदार को जीवंत कर देने वाली रीमा लागू का गुरुवार, 18 मई 2017 को साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 
 
ने बेहतरीन कलाकारों में से एक रीमा लागू को खो दिया। महान कलाकार रीमा लागू का जाना संपूर्ण कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है जिसकी पूर्ति कर पाना नामुमकिन है। रीमा लागू द्वारा पर्दे पर निभाई गई मां की भूमिकाओं से रीमा लागू को हमेशा याद किया जाएगा। 
 
रीमा लागू बेशक आज हमारे बीच में नहीं हैं लेकिन उनका दमदार अभिनय अमर है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :

कविता : भारत के वीर सपूत

कविता : भारत के वीर सपूत
तेईस मार्च को तीन वीर, भारतमाता की गोद चढ़े। स्वतंत्रता की बलवेदी पर,

सुनो नन्ही बच्चियों, हम अपराधी हैं तुम्हारे

सुनो नन्ही बच्चियों, हम अपराधी हैं तुम्हारे
माता-पिता की सघन छांव से अधिक सुरक्षित जगह क्या होगी.. ? सुरक्षा की उस कड़ी पहरेदारी में ...

कर्मकांड करवाने वाले आचार्य व पुरोहित कैसे हो, आप भी ...

कर्मकांड करवाने वाले आचार्य व पुरोहित कैसे हो, आप भी जानिए...
कर्मकांड हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है। बिना पूजा-पाठ व कर्मकांड के कोई भी हिन्दू ...

आम के यह 'खास' फायदे शर्तिया नहीं पता होंगे आपको

आम के यह 'खास' फायदे शर्तिया नहीं पता होंगे आपको
रसीले पके आम अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं। आइए जानते हैं इसके 5 ऐसे फायदे जो आपको अचरज में ...

मन को लुभाएगी लाजवाब चटपटी कैरी की चटनी...

मन को लुभाएगी लाजवाब चटपटी कैरी की चटनी...
एक कड़ाही में तेल गरम कर चना दाल, मैथी और जीरा डालकर भून लें। लाल मिर्च, मीठा नीम, हींग ...

कहानी : संस्कार

कहानी : संस्कार
एक गांव में एक बहुत समझदार और संस्कारी औरत रहती थी। एक बार वह अपने बेटे के साथ सुबह-सुबह ...

आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का महाप्रयाण दिवस

आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा का महाप्रयाण दिवस
सत्य साईं बाबा आध्यात्मिक गुरु व प्रेरक व्यक्तित्व थे, जिनके संदेश और आशीर्वाद ने पूरी ...

सिर्फ और सिर्फ एक हनुमान मंत्र, रखेगा आपको पूरे साल

सिर्फ और सिर्फ एक हनुमान मंत्र, रखेगा आपको पूरे साल सुरक्षित
इस विशेष हनुमान मंत्र का स्मरण जन्मदिन के दिन करने पर पूरे साल की सुरक्षा हासिल होती है ...

जानकी जयंती पर पढ़ें मां सीता की अचंभित कर देने वाली यह ...

जानकी जयंती पर पढ़ें मां सीता की अचंभित कर देने वाली यह कथा...
भगवान श्रीराम राजसभा में विराज रहे थे उसी समय विभीषण वहां पहुंचे। वे बहुत भयभीत और हड़बड़ी ...

क्या मोबाइल का नंबर बदल कर चमका सकते हैं किस्मत के तारे...

क्या मोबाइल का नंबर बदल कर चमका सकते हैं किस्मत के तारे...
अंकशास्त्र के अनुसार अगर मोबाइल नंबर में सबसे अधिक बार अंक 8 का होना शुभ नहीं होता है। ...