- सुधा मूर्ति पाँच सितंबर, यानी टीचर्स डे। इस दिन मैं बंगलोर में एक शिक्षिका के रूप में अपने विद्यार्थियों के साथ समय बिताया करती थी। टीचर्स डे के दिन मैं अपने छात्र-छात्राओं के साथ घूमने जाती थी। दोपहर का खाना तथा फिल्म भी हम साथ देखते थे। सभी छात्राएँ अपने पैसों को इकट्ठा करके खर्चा उठाती थीं और मुझे किसी भी चीज के लिए खर्चा नहीं करने देती थीं। उनके व्यवहार से मुझे लगता कि वे मेरे कितने करीब हैं। उनके मन में मेरे प्रति प्यार और आदर की सोच है।
एक बार टीचर्स डे के दिन मैं बंगलोर से बाहर किसी कार्य के सिलसिले में गई हुई थी। मुझे यह अच्छा नहीं लग रहा था। मेरी स्थिति को देखकर, मेरी मित्र मुझे बाहर फिल्म दिखाने ले गई। उसने कहा कि हम फिल्म देखने जाएँगे तो तुम्हें अच्छा लगेगा। फिल्म को देखने के लिए, जनता टिकट काउंटर के सामने कतार में खड़ी हुई थी। मैं दंग रह गई कि टीचर्स डे के दिन थिएटर के बाहर दर्शकों में अधिकतर, छात्र-छात्राएँ फिल्म देखने के लिए खड़े हुए थे।
जब मेरी मित्र फिल्म की टिकट खरीदने के लिए कतार में प्रतीक्षा कर रही थी, तो मैं समय व्यतीत करने के लिए छात्रों के साथ बात करने लगी। मैंने उनसे पूछा कि क्या आपके स्कूल-कॉलेज में कोई उत्सव या समारोह मनाया नहीं जाता? उपस्थित छात्राओं में से एक लड़की नेकहा कि हम टीचर्स डे क्यों मनाएँ, आज तो छुट्टी है? मैंने चकित होते हुए कहा कि क्या यह टीचर्स डे नहीं है। | | मुझे बताओ कि 14 नवंबर, 2 अक्टूबर, 15 अगस्त, 26 जनवरी को कौन-सा उत्सव मनाते हैं? उपस्थित विद्यार्थियों में से एक ने शर्माते हुए कहा कि 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती मनाई जाती है। मुझे अच्छा लगा कि उसे एक दिन के बारे में पता था। |
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इस दिन के महत्व को न समझते हुए उन्होंने कहा कि है तो क्या हुआ? मैं जानती हूँ कि आज छुट्टी है, लेकिन किस वजह से छुट्टी है मुझे यह पता नहीं है। आज शनिवार है और छुट्टी का दिन है। मैं खुश हूँ कि इस बार हमें दो दिन मस्ती करने के लिए मिले हैं।
उनकी बातों को नजरअंदाज करते हुए मैंने कहा कि क्या आपको पता है कि 5 सितंबर को टीचर्स डे क्यों कहते हैं? दूसरी लड़की ने कहा कि शायद हमारे स्कूल में टीचर्स डे मनाया जा रहा है, परंतु वहाँ पर हम नहीं जाना चाहते, हम हर समय अपनी अध्यापिका को देखते हैं।हम अब छुट्टी में भी अपनी अध्यापिका से क्यों मिलें? उसकी बातों ने मेरे शिक्षक हृदय को झकझोर कर रख दिया।
मैंने पूछा अच्छा- मुझे बताओ कि 14 नवंबर, 2 अक्टूबर, 15 अगस्त, 26 जनवरी को कौन-सा उत्सव मनाते हैं? उपस्थित विद्यार्थियों में से एक ने शर्माते हुए कहा कि 2 अक्टूबर को गाँधी जयंती मनाई जाती है। मुझे अच्छा लगा कि उसे एक दिन के बारे में पता था। मैंने पूछा कि आपको इस दिन के महत्व के बारे में कैसे पता चला। उस लड़की ने उत्तर देते हुए कहा कि मेरा जन्मदिन इसी दिन मनाया जाता है। मेरे दादाजी स्वतंत्रता सेनानी थे।उन्होंने मेरा नाम मोहिनी रखा है। उन्होंने कहा कि गाँधीजी मोहनदास के नाम से भी जाने जाते थे।
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