पूरी दुनिया में आपको अच्छे-बुरे दोनों तरह के लोग देखने को मिल जाएँगे। एक अच्छी पड़ोसन जहाँ आपकी 'बेस्ट फ्रेंड' बन जाती है, वहीं स्वभाव से बुरी पड़ोसन आपका सुख-चैन छीन डालती है। तो यदि आप अच्छी पड़ोसन चाहती हैं तो खुद को भी अच्छी पड़ोसन साबित कर डालिए।
आइए आप स्वयं तय करें आप किस श्रेणी की पड़ोसन की गिनती में आती हैं?
स्वार्थी प्रवृत्ति उन पड़ोसनों की भी कमी नहीं है जो स्वार्थी प्रवृत्ति की हैं। अपने मतलब से पड़ोसनों से संबंध बढ़ाती हैं और जब वह पूरा हो जाता है तो अपने हाथ खींच लेती हैं। ऐसी पड़ोसन अपने मतलब के लिए सामने वाली से मीठा बोलती हैं तथा अपने आपको उसका सबसे बड़ा शुभचिंतक बताती हैं जबकि उनके मन में पहले ही छल-कपट होता है।
ईर्ष्यालु प्रवृत्ति बहुत-सी पड़ोसन ईर्ष्यालु स्वभाव की होती हैं। वे अपने से आगे किसी दूसरे को बढ़ते देख नहीं सकतीं। उनकी कोई पड़ोसन उनसे अधिक पढ़ी-लिखी, योग्य, ऊँचे ओहदे पर या अधिक कमाऊ हो या सामाजिक रूप से अधिक प्रतिष्ठित हो तो ये सब बातें उन्हें बर्दाश्त नहीं होतीं। यदि सामने वाली रूप सौंदर्यवान है, गुणों की खान है, तो उसका चरित्र हनन करने से भी ये बाज नहीं आतीं। ईर्ष्यालु स्वभाव की पड़ोसन अपनी पड़ोसन का नुकसान होते देख खुश होती है, उसके सुख से दुःखी तथा दुःख से खुश होती हैं। | | पूरी दुनिया में आपको अच्छे-बुरे दोनों तरह के लोग देखने को मिल जाएँगे। एक अच्छी पड़ोसन जहाँ आपकी 'बेस्ट फ्रेंड' बन जाती है, वहीं स्वभाव से बुरी पड़ोसन आपका सुख-चैन छीन डालती है। तो यदि आप अच्छी पड़ोसन चाहती हैं तो खुद को भी अच्छी पड़ोसन साबित कर डालिए। |
| |
तुनकमिजाज पड़ोसन इसी प्रकार कुछ पड़ोसनें तुनकमिजाज या झगड़ालू प्रवृत्ति वाली होती हैं। उन्हें लड़ने-झगड़ने का कोई भी बहाना चाहिए। यहाँ तक कि पानी, बिजली, बच्चों के झगड़े, साफ सफाई आदि को लेकर वे अपनी पड़ोसन का सिर भी फोड़ सकती हैं। ऐसी पड़ोसनों का पारा सदैव सातवें आसमान पर रहता है।
|