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किफायत का महत्व सिखाएँ बच्चों को
दिखावे से दूर रखें बच्चों को
बचत
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वस्तुतः बच्चों को खुश रखने के नाम पर उनकी हर जिद पूरी करना, लाड़-प्यार के नाम पर फिजूलखर्ची को उनके व्यवहार में शामिल करना व्यर्थ ही नहीं, खतरनाक भी है। बाल तुष्टिकरण में लगे कई पालकों को आगे चलकर बेलगाम होते बच्चों की हरकतें देखकर दुख भी होता है, लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है।

इससे पहले कि आप ऐसी स्थिति के शिकार हों, अपनी संतानों को बचपन से ही किफायत का महत्व सिखाएँ, कुछ इस तरह :

आय-व्यय प्रबंधन :

बच्चा अपनी जेब खर्च का इस्तेमाल कब व कैसे करता है, इससे उसकी अभिरुचि का पता चलता है। बच्चों से कहें कि उन्हें कब व कितनी राशि मिली तथा उन्होंने उसका क्या किया, इसका लेखा-जोखा एक डायरी में रखें। आप समय-समय पर उनकी डायरी चेक कर फालतू खर्चों के प्रति उन्हें आगाह करते रहें। उन्हें सिखाएँ कि आने वाली जरूरतों जैसे मित्र के लिए बर्थडे गिफ्ट, पिकनिक या खेल का सामान खरीदने के लिए वे अपने खर्चों में कटौती कर पैसे बचा सकते हैं।

घरेलू कार्यों में हिस्सेदारी :

  किफायत केवल पैसों पर ही नहीं, संसाधनों पर भी लागू होती है। बिजली, पानी, पेट्रोल, गैस आदि की बचत कर हम अपने पैसों की ही बचत नहीं करते, बल्कि विश्व के आर्थिक संसाधनों को सहेजने में भी अपना योगदान करते हैं। यह बात बच्चों को समझाएँ।      
बच्चे थोड़े समझदार होने पर उन्हें घर के रोजमर्रा के कामों में हिस्सेदार बनाएँ। बाजार से सामान लाना, अच्छी-बुरी चीजों को परखना आदि बचपन से ही सिखाया जाए, तो बच्चे धन का महत्व बेहतर समझने लगते हैं। घर की कुल आय तथा कुल खर्चों की मोटी-मोटी जानकारी बच्चों को होनी ही चाहिए ताकि जवानी की दहलीज पर कदम रखते समय वे घर की आर्थिक स्थिति को भली-भाँति समझते हों।

दिखावे से दूरी :

बच्चों को समझाएँ कि ऊपरी दिखावा व्यर्थ है। आपकी अपनी जीवनशैली भी ऐसी होना चाहिए कि बच्चों में दिखावे के बजाए सादगी की प्रवत्ति पनपे।

संसाधनों का उचित उपयोग :

किफायत केवल पैसों पर ही नहीं, संसाधनों पर भी लागू होती है। बिजली, पानी, पेट्रोल, गैस आदि की बचत कर हम अपने पैसों की ही बचत नहीं करते, बल्कि विश्व के आर्थिक संसाधनों को सहेजने में भी अपना योगदान करते हैं। यह बात बच्चों को समझाएँ।

उन्हें बताएँ :

1 दो पल के दिखावे से कोई स्थायी इज्जत प्राप्त नहीं कर सकता। इज्जत मिलती है सच्ची लगन व मेहनत से किए गए उन कार्यों से, जो किसी व्यक्ति में गुणों को निखारकर हीरे सी चमक प्रदान करते हैं।

2 गाँधी के गुणों के कारण उनकी लंगोटी गोरों की सारी चमक-दमक पर भारी पड़ी थी।

3 दुनिया में बड़ी असमानताएँ हैं। आर्थिक असमानता आज दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है। ऐसी स्थिति में किसी अमीर से दिखावे की होड़ के खतरनाक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।

4 भोजन का सामान न फेंकने की सलाह के साथ उन्हें यह भी बताएँ कि दुनिया में कितने लोग भोजन की कमी के कारण रोज काल ग्रास बन जाते हैं।
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