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ईशान कोण
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घर का ईशान (उत्तर-पूर्व) कोण वास्तुपुरुष का सिर होता है। यह क्षेत्र घर के मुखिया को इंगित करता है। देखा जाए तो घर के संपूर्ण वास्तु का यह 'की-प्वाइंट' है। इसका रक्षण एवं शोधन घर के संपूर्ण वास्तु तथा घर के मुखिया एवं परिवार के अन्य लोगों के मस्तिष्क को नियंत्रित करता है।

ईशान कोण में इन चीजों का ध्यान रखें :

ईशान क्षेत्र में विवाहित जोड़ों को नहीं सोना चाहिए अन्यथा उनमें मानसिक द्वंद्व होता है।

रसोईघर ईशान कोण में ना बनवाएँ।

बच्चों का शयन कक्ष व अध्ययन कक्ष ईशान कोण में होना शुभ माना जाता है।

ईशान क्षेत्र में शौचालय का निर्माण नहीं कराना चाहिए।

ईशान कोण में देवस्थान का निर्माण कराना शुभ माना जाता है।
सौजन्य से - गृहसहेली
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