पानी को मुख्य द्वार के पास रखिए : मुख्य द्वार के पास पानी होना बहुत ही मंगलकारी माना गया है। विशेष रूप से ये उत्तर-पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व दिशा के द्वार के लिए बहुत उपयोगी माना गया है। पानी के पात्र को द्वार के बाईं ओर रखना चाहिए न कि दाईं ओर। यानी जब आप घर के अंदर खड़े हों और बाहर की ओर देख रहे हों, तो आपकी बाईं ओर। पानी का पात्र मछलीघर, फव्वारा या पानी के चित्र के रूप में हो सकता है। द्वार के दाईं ओर पानी रखने से घर का पुरुष किसी अन्य महिला के प्रति आकर्षित हो सकता है और आपके वैवाहिक जीवन में दरार पड़ सकती है। द्वार के दोनों ओर कभी भी पानी का पात्र न रखें, क्योंकि ये दोनों आँखों में आँसू लाने के आँसू लाने के समान है।मुख्य द्वार के सामने आईना न लगाएँ : मुख्य द्वार के सामने अंदर की तरफ आईना लगाना गलत है। ऐसा करने पर घर के अंदर प्रवेश करने वाली ऊर्जा परावर्तित होकर द्वार से बाहर निकल जाती है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि मुख्य द्वार के ठीक सामने अंदर कोई दीवार हो। पर फिर भी उस पर आईना न लगाएँ और दीवार पर ऊपर से नीचे तक गहराई का आभास देने वाला कोई प्राकृतिक दृश्य चित्र लगाएँ। यह जंगल में दूर-दूर तक दिखाई देने वाली सड़क या पगडंडी का कोई दृश्य चित्र भी हो सकता है। |