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घर में हो एक मं‍दिर
कम जगह में कैसा हो मंदिर
Gayarti SharmaWD
यदि आप अपने घर के दरवाजे या फर्श से मैच सनमाइका मंदिर में लगाएँगे तो उस मंदिर से आपके कमरे की आंतरिक सुंदरता निखर आएगी।

लकड़ी के मंदिरों में लोहे के पाइप के दरवाजे व मंदिर के ऊपर ताँबे का कलश उसे पारंपरिक लुक देता है।

शुरुआती दाम :-
  हर किसी की चाह रहती है कि उनके घर में एक कोना ऐसा हो। जहाँ उन्हें शांति व सुकून का अहसास हो। घर में अगर सब कुछ हो लेकिन मंदिर ना हो तो वह घर पूर्ण नहीं होता?      
मंदिरों के दाम उनकी साइज व उसमें प्रयोग में लाई गई लकड़ी पर निर्भर करते हैं।

बबूल की लकड़ी व प्लायवुड के मंदिर सागवान की लकड़ी के मंदिर की अपेक्षा सस्ते दामों पर मिल जाते हैं। इसके अलावा कारीगरी व पालिश के हिसाब से इनके दाम बढ़ते जाते हैं।

जहाँ बबूल की लकड़ी का छोटा मंदिर 60 रुपए से शुरू होकर 2000 रुपए तक बनता है वहीं सागवान की लकड़ी का मंदिर 300 रुपए के शुरुआती दाम से 7000 रुपए तक बिकता है।

लकड़ी के मंदिर बनाने वाले कारीगर धर्मेंद्र सँवारे के अनुसार- 'मैं पिछले आठ-दस साल से लकड़ी के मंदिर बना रहा हूँ। आज भी बाजार में इसकी डिमांड बहुत है। कम जगह में पूजा स्थान की चाह रखने वाले लोग ऑर्डर देकर हमसे मंदिर बनवाते हैं।'

यह खरीददार पर निर्भर करता है कि वह कौन सी लकड़ी का मंदिर खरीदता है। कारीगरी व माँग के हिसाब से मंदिरों के दाम में उतार-चढ़ाव आता है। तो क्यों न भगवान के लिए भी घर में एक सुरक्षित कोना रखा जाए, जहाँ कुछ पल बैठकर हमें सुकून मिले।

क्या हैं फायदे :-
* इन्हें आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है।
* ये मनचाहे रंगों व डिजाइनों में आसानी से मिल जाते हैं।
* इसे कम जगह, कॉर्नर या दीवार पर भी लगा सकते हैं।
* इसके दाम अपेक्षाकृत कम होते हैं।
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