- डॉ. भारती जोशी
पिछले दिनों ट्रेन में मेरे सामने वाली सीट पर अत्यंत रूपवती स्त्री बैठी किसी पत्रिका के पन्ने उलट-पलट रही थी। मैं उसके सौंदर्य से काफी प्रभावित होकर उससे बातें करना चाहती थी, जैसी कि नारी सुलभ आदत होती है।
मैं मन ही मन कल्पना कर रही थी कि अवश्य ही उसकी आवाज भी उसके रूप की तरह दिलकश होगी। लेकिन हमारे बीच वार्तालाप प्रारंभ होते ही मुझे अपनी भूल का अहसास हुआ। वह कर्कश और तेज आवाज में बातें करने के साथ ही जो जुमले इस्तेमाल कर रही थी, उससे उसके सौंदर्य पर पानी फिर गया।
सुरीली आवाज का व्यक्तित्व में महत्वपूर्ण स्थान है। सुंदर नारी की आवाज यदि कर्णप्रिय हो तो उसका आकर्षण दुगुना हो जाता है। यूँ तो आवाज का सुरीलापन प्रकृति की देन है, किंतु अधिकांश स्त्रियाँ अपनी गलत आदतों के कारण इसे बेसुरा बना लेती हैं। जैसे चिल्लाकर बोलना, जल्दी बोलना या खाने-पीने में तेज, खट्टी चीजें इस्तेमाल करने का असर आवाज पर पड़ता है। | | पिछले दिनों ट्रेन में मेरे सामने वाली सीट पर अत्यंत रूपवती स्त्री बैठी किसी पत्रिका के पन्ने उलट-पलट रही थी। मैं उसके सौंदर्य से काफी प्रभावित होकर उससे बातें करना चाहती थी, जैसी कि नारी सुलभ आदत होती है। |
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दूसरी ओर कई महिलाएँ चाहे वे दिखने में आकर्षक न हों तो भी अपनी सुरीली आवाज से मन मोह लेती हैं। यहाँ तक कि फोन पर सुनी कर्णप्रिय आवाज से हम व्यक्ति के बारे में सकारात्मक छवि निर्मित कर लेते हैं। यूँ भी आजकल स्त्रियाँ हर क्षेत्र में कार्यरत हैं। कई लोगों से बातचीत करना होती है। मीटिंग, सेमिनारों आदि में उपस्थित रहना होता है। भाषण देना होता है।
ऐसे में आवाज के साथ-साथ बहुत सी अन्य बातों को ध्यान में रखना भी आवश्यक है। अब यदि आवाज सचमुच ही खराब हो तो भी चिंता की कोई बात नहीं। वाणी में मिठास लाने के लिए तथा प्रभावशाली वार्तालाप के लिए कुछ प्रयासों से ही लाभदायक परिणाम मिलेंगे। निम्न सफल उपायों से आप अपनी वाणी में मिठास लाएँ तथा वाणी संबंधी दोषों को दूर करें।
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