सोने से पहले मॉस्चराइजर लगाएँ। पानी में काम करने के तुरंत बाद ठीक से पोछें और मास्चराइजर लगाएँ। नाखून का बेजा इस्तेमाल नहीं करें, जैसे डिब्बा खोलने के लिए चम्मच का इस्तेमाल करें। किचन या गार्डन में काम करते समय ग्लब्स का इस्तेमाल करें। हानिकारक केमिकल से दूर रहें। नाखूनों पर पॉलिस करें और इसे हटाने के लिए एसिटोन फ्री नेल पॉलिस रिमूवर का प्रयोग करें। नाखून छोटे रखें। नाखूनों को नहाने के बाद ही काटें। इस दौरान वे नरम होते हैं जिससे उनके टूटने का खतरा नहीं होता है। कास्मेटिक से छुप सकते हैं डिफेक्टेड नेल : यदि आपके नाखून टूटे या टेढ़े-मेढ़े हैं, तो पहली चीज तो यह है कि आप डर्मेटलॉजिस्ट की सलाह लें। नाखूनों की समस्या काफी हद तक अस्थायी होती है और नए नाखून के निकलने पर स्वत: दूर हो जाती हैं। वैसे टूटे या टेढ़े नाखून को तुरंत सुंदर और खूबसूरत रूप देने के लिए उस पर डर्मेटेलॉजिस्ट की सलाह पर कास्मेटिक की कोटिंग करवाई जा सकती है और इसके ऊपर नेल पॉलिस कर नाखून को खूबसूरत बनाया जा सकता है। टूटे नाखून नेल मेंडिंग जेल की सहायता से जोड़े जा सकते हैं। | | आमतौर पर अँगूठों के नाखूनों के अंदर की ओर बढ़ने की समस्या देखी जाती है। इसके लिए जरूरी है कि नाखूनों को ठीक से काटा जाए। यदि नाखून ठीक से नहीं काटे गए हों तो ये अंदर की ओर (नेल फोल्ड की ओर) बढ़ने लगते हैं। |
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कुछ आम समस्याएँ - 1. कमजोर नाखून : कमजोर और आगे से फटे नाखून नेल प्लेट के अत्यधिक सूखे होने के कारण होते हैं। नेल प्लेट कैटेरीन से बने होते हैं, जो पानी और वसा के अर्धठोस घोल होते हैं। इन दोनों में से किसी की कमी होने पर ये अलग हो जाते हैं। इससे बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीएँ। नेल पॉलिस रिमूवर में भी डीहाइड्रेटिंग एजेंट होते हैं। इसलिए टूटे और रूखे नाखूनों वाले लोग बार-बार रिमूवर लगाने से बचें। नाखूनों को हल्का मसाज करें। इसके लिए अच्छे नेल बेस क्रीम को नियमित नाखूनों पर रगड़ें। 2. पानी आना : कभी-कभी नाखूनों के नीचे से या उनके किनारों की त्वचा (क्यूटिकिल) से पानी आने लगता है। यह क्यूटिकिल नाखून को त्वचा से अलग करता है, जिससे नाखून को बढ़ने में मदद मिलती है। इस कारण कभी-कभी खींचे हुए क्यूटिकिल से पानी निकलने लगता है। इससे बचने के लिए क्योटिकिल को मुलायम रखें और नाखूनों के कोनों को ठीक से काटें और गहराई में नहीं जाने दें। इन क्यूटिकिल्स को निकालने या खींचने की कोशिश नहीं करें। इससे इंफेक्शन हो सकता है। 3. अंदर बढ़ते अँगूठे के नाखून : आमतौर पर अँगूठों के नाखूनों के अंदर की ओर बढ़ने की समस्या देखी जाती है। इसके लिए जरूरी है कि नाखूनों को ठीक से काटा जाए। यदि नाखून ठीक से नहीं काटे गए हों तो ये अंदर की ओर (नेल फोल्ड की ओर) बढ़ने लगते हैं। नाखूनों के त्वचा के अंदर घुसने की दशा में सूजन, दर्द और लाली हो सकती है। इसके लिए नाखूनों को अँगूठे के आकार में काटें और किनारे की ओर से नाखूनों को भी आगे बढ़ने का मौका दें। अगर दर्द बढ़ने लगे तो डॉक्टर से इसे निकलवा लें। 4. फंगल इंफेक्शन : जब नाखून में फंगस लग जाता है तो वो कड़े, टूटे हुए और बेरंग हो जाते हैं। इसका तत्काल इलाज करवाना ही समझदारी है।
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