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सूती है सदाबहार
सूती का फैशन न होगा कभी पुराना
गायत्री शर्मा
Gayarti SharmaWD
सूती वस्त्र की हमेशा से ही एक अलग धाक है। जहाँ ये हमें 'रिच लुक' प्रदान करते हैं वहीं गर्मी में आरामदायक भी होते हैं। सूती साड़ी हो, सलवार सूट हो, शर्ट हो या कुर्ता इनका कोई सानी नहीं है।

फैशन की दुनिया में लंबे समय तक अपना सुरक्षित स्थान बनाने वाला सूती अब डिजाइनरों की कलात्मकता को भी नया आयाम दे रहा है। ‍फैशन बाजार में कितने ही फेब्रिक आए और चले गए लेकिन सूती ही एक ऐसा फेब्रिक है, जो अब तक सदाबहार है।

* सूती कपड़ों की वैराइटियाँ :-
पारंपरिक सूती वस्त्रों के शौकीनों के लिए विकल्पों की भरमार है। सूती कपड़ों पर म.प्र. की पारंपरिक कारीगरी तो देश-विदेशों में भी प्रचलित है।

इसमें से बाग प्रिंट, ब्लॉक प्रिंट, बटिक, इंडिगो, चंदेरी, माहेश्वरी आदि प्रिंट के मटे‍रियल आपको बाजार में आसानी से मिल जाएँगे। जिनके कुर्ते, शर्ट, साडि़याँ, सलवार सूट आदि बनवाकर आप एक डिफ्रेंट लुक पा सकते हैं।

Gayarti SharmaWD
* बाग प्रिंट :-
यह प्रिंट म.प्र. के धार जिले के गाँव 'बाग' की विशेषता है। यहाँ के कारीगर सूती कपड़ों पर हैंड ब्लॉक से फूल, पत्तियों व अनेक प्रकार की डिजाइनों को छापते हैं।

बाग प्रिंट की साडि़यों व कपड़ों की खूबसूरती देखते ही बनती है। इस प्रिंट की साडि़यों के दाम 300 से शुरू होकर 2000 रुपए तक होते हैं।

* ब्लॉक प्रिटिंग :-
म.प्र. के प्रमुख महानगर इन्दौर व उज्जैन के पास भैरोगढ़ में ब्लॉक प्रिंटिग की जाती है। बाजार में ब्लॉक प्रिंटिंग के कुर्ते, साड़ी, सूट आदि मिलते है। ब्लॉक प्रिंटिंग की साडि़याँ 200 से 900 रुपए तक में आसानी से मिल जाएँगी।

* बटिक प्रिंट :-
इसे सदाबहार प्रिंट भी कहा जाता है। इस प्रिंट के लिए उज्जैन के पास भैरोगढ़ प्रसिद्ध है। साडि़यों के अलावा बटिक के सूट मटेरियल, चादर भी मिलते हैं। बटिक के सूट मटेरियल व साडि़याँ 300 से 1000 रुपए तक मिलते हैं।

  फैशन की दुनिया में लंबे समय तक अपना सुरक्षित स्थान बनाने वाला सूती अब डिजाइनरों की कलात्मकता को भी नया आयाम दे रहा है। ‍फैशन बाजार में कितने ही फेब्रिक आए और चले गए लेकिन सूती ही एक ऐसा फेब्रिक है, जो अब तक सदाबहार है।      
* डिजाइनरों की पसंद :-
सूती कपड़े आजकल डिजाइनरों को भी लुभा रहे हैं। सूती कपड़ों से नए-नए प्रयोग करने वाले डिजाइनरों में अंजू मोदी, मीरा अली व आशीष सोनी आदि के नाम चर्चित हैं। इनके अधिकांश कलेक्शनों में सूती वस्त्रों का प्रयोग होता है।

* गर्मी में आरामदायक :-
रेशमी व टेरीकॉट के वस्त्रों की तुलना में सूती वस्त्रों को गर्मियों में अधिक पहना जाता है। इसका कारण है कि ये वस्त्र पसीना जल्दी सोखते हैं।

* क्यों पसंद किए जाते हैं सूती वस्त्र :-
सूती कपड़ों के शौकीन निलेश सोनी के अनुसार- 'सूती कपड़े एक ऐसा परिधान है, जिसे मैं सबसे ज्यादा आरामदायक मानता हूँ। स्टार्च किए हुए सूती कपड़े आपके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाते हैं।'

सूती व पारंपरिक कॉटन परिधानों के विक्रेता 'मृगनयनी एम्पोरियम' के दिलीप सोनी के अनुसार- भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों में हमारी शाखाएँ हैं और आज भी लोगों में पारंपरिक सूती वस्त्रों का क्रेज बरकरार है। पर्यटक भी हमसे पारंपरिक वस्त्रों की ही माँग करते हैं। कुछ भी कहो सूती है सदाबहार।'
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