फैशन के इस दौर में जहाँ टाई से लेकर जूते तक सब कुछ बदल रहा है वहीं रंग-बिरंगे दुपट्टे भी फैशन के रंगों से अछूते नहीं रहे हैं।
आजकल फैशन के बाजार में सदाबहार पारंपरिक दुपट्टों के अलावा फेंसी दुपट्टों का भी चलन है़, जिन्हें युवक-युवतियों द्वारा खासा पसंद किया जा रहा है।
दुपट्टों का उपयोग कल तक सलवार कुर्ते के साथ होता था। फैशन के इस दौर में आज उन्हीं दुपट्टों का प्रयोग जींस-कुर्ता व स्कर्ट-टॉप के साथ किया जाने लगा है।
टी.वी. सीरियलों की तर्ज पर जिस प्रकार फैशनेबल चीजों जैसे स्टाइलिश पर्स, चश्मे, चूडि़याँ आदि का चलन बढ़ा है, उसी प्रकार दुपट्टों की भी गिनती आज फैशनेबल चीजों में होने लगी है।
पारंपरिक परिधान हो या वेस्टर्न, दुपट्टा डालने से सभी की ख़ूबसूरती बढ़ जाती है। कपड़े के इस खूबसूरत लंबे रंग-बिरंगे टुकड़े के आगे महँगे से महँगे वस्त्र भी फीके पड़ जाते हैं।
दुपट्टों के दीवानों में आज केवल युवतियाँ ही नहीं बल्कि युवक और बच्चे भी शामिल हैं, जो फैशनेबल व स्टाइलिश दिखने के लिए इसका प्रयोग करते हैं।
* नया फैशन :- फैशन के इस दौर में दुपट्टों को डालने का अंदाज भी बदल गया हैं। युवतियों के दोनों कंधों पर सजने वाले दुपट्टे अब उनकी चोटियों से बंधकर कंधों तक आने लगे हैं।
यहीं नहीं फैशनेबल कपड़े के तौर पर दुपट्टे का इस्तेमाल करने वाली युवतियाँ अब दुपट्टों को आर्कषक दिखाने के लिए कंधे पर न सजाकर पीठ के पीछे से दोनों हाँथों में लेना अधिक उचित समझती हैं।
कल तक युवतियों के वस्त्रों को परिपूर्णता प्रदान करने वाले दुपट्टे फैशन के इस युग में अब युवकों के गले में गमछों की तरह सजने लगे हैं।
न केवल डांडिया रास में बल्कि हर छोटे-बड़े आयोजनों में युवक आपको धोती-कुर्ते या शर्ट पर दुपट्टा डाले नजर आ ही जाएँगे। आखिर हो भी क्यों न, जमाना जो फैशन का है।
|