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माथे पर झिलमिलाती बिंदिया
भारतीय नार‍ी का प्रतीक बिंदिया
गायत्री शर्मा
NDND
बिंदी भारतीय नारी के सौंदर्य व अमर सुहाग का प्रतीक है। माथे पर चाँद सी चमकती लाल, काली बिंदिया भी आज फैशन के कलेवर में ढलकर रंग-बिरंगी, चमकीली और आकर्षक बन गई है।

  वर्क के हिसाब से बिंदिया का दाम भी बढ़ता जाता है। जहाँ प्लेन बिंदी का पैकेट बाजार में 1 से लेकर 10 रुपए तक मिलता है वहीं वर्क वाली फैशनेबल बिंदी का पैकेट 10 से लेकर 60 रुपए तक मिलता है।      
कल तक बिंदी को केवल सुहागन औरतों की निशानी माना जाता था तथा विधवा या परित्यक्ता महिलाएँ गोंद लगी बिंदी के स्थान पर चंदन की बिंदियाँ लगाती थीं।

अब बदलते फैशन के दौर में ये सारी पुरानी मान्यताएँ धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं और गोंद लगी बिंदी हर आयु वर्ग की महिलाओं द्वारा लगाई जाने लगी है।

* फैशन का प्रतीक :-
बिंदी फैशन का प्रतीक भी है। मशहूर मॉडलों व अभिनेत्रियों द्वारा भी इसे अपनाया जा रहा है। हमारे टी.वी. सीरियलों में भी अधिकांश महिलाएँ इसे फैशन व सुहाग के प्रतीक के तौर पर लगाती हैं।

फिर चाहे वह 'सास-बहू' सीरियल की किरदार तुलसी, 'बा, बहू और बेबी' की बा, 'खिचड़ी' की हंसा या 'कसौटी जिंदगी की' की कमौलिका ही क्यों न हो। आज दर्शकों के बीच बिंदी ही इन किरदारों की लोकप्रियता की पहचान बनी है।

* किस तरह की बिंदियों का है चलन? :-
आजकल बाजार में हर रंग व वैरायटी की बिंदिया उपलब्ध हैं। बाजार में आपको हर साड़ी व सूट की मेंचिग बिंदिया आसानी से मिल जाएगी।


ड्रेस के वर्क के हिसाब से भी आप डायमंड, पर्ल व घुँघरू वाली बिंदिया ले सकते हैं। जो ड्रेस के वर्क से मैच होने के साथ-साथ हमारी सुंदरता में भी वृद्धि करेगी।

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