- प्रतिभा तिवारी जिन महिलाओं का शरीर आनुपातिक नहीं हो, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किस तरह के परिधान पहनकर शरीर के दोषों को छिपाया और गुणों को उभारा जा सकता है। जिन महिलाओं के शरीर में शारीरिक अनुपात सही नहीं है वे अपने शरीर पर पहनने वाले परिधान का तालमेल इस तरह बनाएँ-
छोटी व मोटी गर्दन होने पर- ऐसी गर्दन पर गोल गले के परिधान न पहनकर 'वी' आकार के गले के परिधान पहनें।
अधिक लंबी व पतली गर्दन होने पर- ऐसी गर्दन पर गहरे गले के परिधान न पहनें इससे गर्दन और अधिक लंबी नजर आती है। कॉलर वाले गले के परिधान सुंदर लगते हैं। इससे लंबाई भी कम नजर आती है। आप हाईनेक और स्टैंड कॉली भी पहन सकती हैं।
भारी शरीर पर- सूती, कोटा या अधिक कलफ वाले परिधान न पहनें। चुस्त परिधान या अधिक पतली साड़ी भी न पहनें, क्योंकि पतले परिधान मोटे व बेडोल शरीर का प्रदर्शन करते हैं। आप सिल्क, शिफॉन, जॉर्जेट, और बिना कलफ वाले कॉटन का उपयोग कर सकती हैं।
छोटा कद होने पर- छोटे प्रिंट व खड़ी धारी वाले परिधान पहनें।
झुके हुए कंधे होने पर- ऐसे शरीर पर कंधों की सिलाई थोड़ी पीछे रखने से परिधान फिट लगता है। स्वयं कंधे का नाप देकर परिधान बनवाएँ। परिधान का गला आकर्षक बनाकर भी झुके कंधों का दोष छिपाया जा सकता है।
मोटी बाँह होने पर- अधिक मोटी बाँह पर स्लीवलेस परिधान शोभा नहीं देते। लंबी बाँह वाले या पफवाली बाँह के परिधान पहनने से वे आप पर खिलेंगे।
उभरा पेट होने पर- ऐसे शरीर पर कभी भी चिपकने वाले परिधान न पहनें। खड़ी रेखाओं वाले परिधान पहनने से पेट कम नजर आता है। जहाँ तक हो सके परिधान के ऊपरी हिस्से, यानी गले को आकर्षक बनाएँ जिससे दूसरों का ध्यान आपके उभरे पेट पर न जाएँ।
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