सफर पर जाते समय अक्सर आप यूँ ही कुछ हल्की-फुल्की ड्रेस पहन लेते हैं। आपको लगता है सफर में अच्छे कपड़े बिगाड़ने से क्या लाभ? आखिर तो सवाल कुछ घंटे बस, कार, ट्रेन या हवाई जहाज में बिताने से ही है। खासतौर पर अगर सफर ट्रेन या बस का हो तो कपड़ों के गंदे हो जाने की भी चिंता।
लेकिन अगर हम कहें कि अब नया ट्रेंड सफर के लिए अच्छे कपड़े चुनने का है तो? ...युवाओं ने विशेष तौर पर इसे जिंदगी का नया मंतरा बना लिया है। पहले जहाँ लोग सफर में अच्छे दिखने की बजाय आरामदायक और बहुत ही सामान्य कपड़ों तथा लुक को अपनाते रहे, वहीं अब युवा सफर पर जाने से पहले विशेष तौर पर 'ट्रैवलिंग अटायर एंड लुक' पर ध्यान देते हैं।
इसके पीछे सबके अपने तर्क भी हैं। 23 वर्षींय इंजीनियरिंग छात्रा पालोमी कहती हैं- 'मैं हमेशा सफर के दौरान अपने बेस्ट लुक के साथ दिखना चाहती हूँ। क्या पता कब आपकी मुलाकात किससे हो जाए! हो सकता है कि सफर में ही आपको 'हमसफर' मिल जाए। इसलिए ऐसे में आपका व्यवस्थित तथा सलीकेदार दिखना बहुत जरूरी हो जाता है।
फिर आखिरकार मामला आपके प्रेजेंटेशन का है। जो भी आपसे पहली बार मिलता है, उस पर आपका पहनावा और रहन-सहन ही सबसे पहला प्रभाव डालता है। तो जब आप ऑफिस या बाजार जाने के लिए तैयार हो सकते हैं, तो सफर के लिए क्यों नहीं? इसलिए मैं तो सफर के लिए खासतौर पर अलग से ड्रेसेस खरीदती हूँ।'
पालोमी की तरह सोचने वाली कई युवतियाँ और महिलाएँ हैं, जो न केवल सफर में अच्छे कपड़े पहनने पर जोर देती हैं बल्कि वे पूरे सफर के दौरान अपने लुक के प्रति सजग भी रहती हैं। चाहे सफर बस, ट्रेन का हो या फिर हवा-हवाई का। यह नया ट्रेंड केवल लड़कियों ने ही अपनाया है, ऐसा भी नहीं है।
लड़के भी अब सफर के दौरान 'कुछ भी' पहन लेने की आदत को बदल रहे हैं। एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर रहे गौरव सिंह कहते हैं- 'मैं भी इस बात से सहमत हूँ कि सफर में आपका ओवरऑल प्रेजेंटेशन अच्छा होना चाहिए। मुझे तो यह बात एक अनुभव ने सिखाई, जब एक बार ट्रेन के सफर के दौरान मैं बिना शेविंग किए, बरमूडा और घर के टी-शर्ट में था।
मैं जिस कोच में था उसमें आधे से ज्यादा किसी इंजीनियरिंग कॉलेज की लड़कियाँ थीं, जो एक स्पोर्ट इवेंट के लिए जा रही थीं। उनमें से एक ने भी बात तो दूर मेरी तरफ देखने तक की जहमत नहीं उठाई। तब से मैं सफर के दौरान खुद के प्रस्तुतीकरण को लेकर सतर्क रहता हूँ।'
युवाओं के ये तर्क खुद के अच्छे प्रस्तुतीकरण को लेकर सजग होने का प्रमाण हैं। यही नहीं, कुछ लोग इस बात को अपने सिद्धांतों और नियमों से जोड़ते हैं और उनके लिए यात्रा के समय अच्छा दिखना खुद को खुशी पहुँचाने का कारण होता है।
बात चाहे किसी के सामने खुद को प्रस्तुत करने की हो, हमसफर के मिलने की हो या स्वांतः सुखाय हो, यात्रा के समय अच्छे कपड़े पहनने और सलीके से रहने का यह चलन युवाओं को भा गया है। और फिर जरूरी नहीं कि बात केवल हमसफर के मिलने तक ही सीमित हो, हो सकता है आपको किसी सेलिब्रिटी से मिलने या किसी अच्छी कंपनी के पदाधिकारी से मिलने का मौका मिल जाए। फिर जाहिर है पहला इंप्रेशन तो अच्छा पड़ना ही चाहिए।