- रेखा अजय कर्नाव यह सच है कि कुछ लोग कोई भी चीज कहीं भी रखकर भूल जाते हैं। अपनी इस आदत से तंग आकर वे फिर चीजें वापस पाने का हल ढूँढ़ते रहते हैं। ऐसे में कुछ बातों को ध्यान में रखिए जो आपको याद दिलाने में सहायता करेंगी कि आपने अमुक वस्तु कहाँ रखी है। जरूरी है कुछ याद रखना। स्थान : इसके द्वारा आप किसी वस्तु को खोने की आदत को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। अगर आप "वस्तुओं को उनके ठीक स्थान पर रखना सीख लें।" अपने आपसे पूछिए कि मैं यह वस्तु कहाँ इस्तेमाल करती/करता हूँ? अगर आप किसी वस्तु को उस स्थान के आसपास रखेंगे जहाँ उसको इस्तेमाल किया जाता है तो उसके खोने या इधर-उधर हो जाने की आशंका कम से कम रहेगी। आदत :कोई भी चीज अपने नियत स्थान पर रखने की आदत होना चाहिए जैसे गाड़ी की चाबी हमेशा चाबी स्टैंड में लगी रहे, यह जरूरी है। लेकिन जैसे ही फोन की घंटी बज उठी आप चाबी को इधर-उधर रखकर फोन पर बात करने लगे। आकर देखा तो चाबियाँ स्टैंड में नहीं थीं। पूरे 1 घंटे बाद चाबियाँ टेलीफोन के पास मिलीं। इसका अर्थ यह है कि स्टैंड में चाबी रखने की आदत आपको पूरी तरह पड़ी नहीं थी इसलिए पक्की आदत डालना अत्यंत आवश्यक है। संबद्धता :आमतौर पर आपकी गाड़ी गैरेज या पार्किंग पर आराम से खड़ी रहती है लेकिन जब इसे किसी व्यावसायिक केंद्र के बाहर खड़ा करना हो तो हो सकता है कि सैकड़ों-हजारों गाड़ियों में आपकी गाड़ी भीड़ में खो जाए। ऐसी स्थिति में क्या किया जाए? इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी गाड़ी खड़ी करने से पहले यह देख लें कि वह किस अचल वस्तु या संकेत के आसपास खड़ी है, जैसे बिजली का खंभा, बोर्ड आदि। इससे आपको अपनी गाड़ी का स्थान याद रहेगा और लौटने पर आपकी निगाह झट उस वस्तु को पकड़कर आपकी गाड़ी तक पहुँच जाएगी। सोचिए :मानसिक रूप से किसी पूरी प्रक्रिया को दोहराने से आपको अपनी खोई हुई वस्तु या उसका स्थान याद आ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि व्यक्ति को सोने से पहले विशेष प्रकार का चिंतन करना चाहिए। इस चिंतन के दौरान आपने जो-जो चीज खो दी है उसके बारे में अपने मन से कहिए कि मुझे सुबह तक उसका अता-पता याद करने का प्रयास करना होगा। सचेतन अवस्था में हो सकता है कि आपको यह याद न आए लेकिन अवचेतन मन को इसका अवश्य पता होगा। दोहरी वस्तुएँ रखिए :कभी-कभी कोई जरूरी वस्तु नहीं मिल पाती है। यह स्थिति परेशानी वाली बात बन जाती है। अतः बहुत आवश्यक वस्तुएँ जैसे चाबी, चश्मा आदि ये चीजें दो-दो होनी चाहिए। महत्वपूर्ण कागजातों की भी फोटोकॉपी या दूसरी प्रति रखनी चाहिए। लेकिन इस अवस्था में मूल प्रतिलिपि या वस्तु पलंग या किसी अन्य गुप्त स्थान पर छिपाकर नहीं रखनी चाहिए। यह पूरी तरह संभव है कि आप यह खुद ही भूल जाएँ कि अमुक वस्तु कहाँ रखी थी। अतः ऐसी वस्तुओं को वकील के कार्यालय, किसी निर्दिष्ट सेफ/अलमारी या बैंक के लॉकर में रखना चाहिए। आमतौर पर अगर आप लंबे समय तक किसी वस्तु को भुलाए रहें तो एक दिन अचानक यह उभरकर आपके सामने आ जाती है। इस तरह की बातों को ध्यान में रखकर आप अपनी भूलने की आदत से छुटकारा पा सकते हैं। |