हम सभी चाहते हैं कि हमारे साथ जो भी व्यक्ति रहे वो सलीकेदार हो। विशेषकर महिलाओं को अक्सर पुरुषों से शिकायत रहती है कि वो इस बात का जरा भी खयाल नहीं रखते कि वो कहाँ बैठे हैं और क्या कर रहे हैं। ऐसे में पति-पत्नी या गर्लफ्रेंड, ब्वायफ्रेंड में तू-तू, मैं-मैं होना एक सामान्य बात है। यहाँ मैं बात कर रही हूँ पुरुषों की कुछ सामान्य आदतों की, जो उन्हें तो सामान्य लगती है परंतु शायद दूसरों को असामान्य लगती है। ये आदतें आपको प्रति चार पुरुषों में से एक या दो में तो देखने को मिल ही जाएगी। पुरुषों की समान्य आदतें : * पुरुष हमेशा आर्डर देते रहते हैं। घर में फ्री बैठने पर भी ये अपने हाथों से पानी का गिलास या भोजन की थाली नहीं लेते हैं। * महिलाओं में सलीकेदार और सज-सँवरकर रहने की आदत होती है जबकि पुरुष मुँह धोया, कंघी करी और घर से बाहर निकल लिए। अक्सर तो ये बगैर शेव किए ही घर से बाहर निकल जाते हैं। * शौचालय होते हुए भी सड़क के किनारे जाकर यूरिन पास करना मानो इनकी आदत में शुमार होता है। * अपनी बीवी, गर्लफ्रेंड या मम्मी के रूमाल या आँचल से हाथ और नाक पोंछना तो इनकी आदत ही होती है। * खाते वक्त भी जल्दबाजी में भोजन करना तथा मुँह से आवाज करके खाना इनकी आदत होती है। * ये एक जोड़ कपड़े ही कई दिनों तक पहनकर घूम सकते हैं जबकि महिलाएँ हर रोज अपनी ड्रेस चेंज करना पसंद करती हैं। * अपने आसपास गुजरती हर महिला को घूरकर देखना और उस पर कमेंट पास करना इनको बहुत अच्छा लगता है। * घर में और घर के बाहर बनियान और टॉवेल पहनकर घूमना इन्हें बड़ा अच्छा लगता है। * कहीं भी और किसी के भी सामने ये नाक में ऊँगली डालने, कान में चाबी डालने और तोंद पर हाथ फिराने से कोई परहेज नहीं करते हैं। * कपड़े खोलकर बिस्तर पर या इधर-उधर पटकना पुरुषों की आदत होती है। * कई बार तो ये भोजन करने से पहले हाथ धोना भी भूल जाते हैं। * हर जगह जल्दबाजी करना और कुछ मोलभाव किए बगैर जेब से नोट निकालकर थमा देना पुरुषों को अच्छा लगता है।* हमेशा अपनी प्रशंसा करना कि 'मैंने ये कर दिया, वो कर दिया वगैरह वगैरह' तो जैसे इनकी जुबान पर ही रहता है। |