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अकेले हैं तो क्या गम है  Search similar articles
- डॉ. भारती जोश

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मेरी एक अविवाहित मित्र है। सदा स्वस्थ, मस्त और अपने कामकाज में व्यस्त रहती है। घर से दूर रहने का कोई गम उसके व्यवहार में नहीं झलकता लेकिन उसके मिलने वाले परिचित, रिश्तेदार यहाँ तक कि कार्यालय के सहकर्मी भी उसे यदा-कदा विवाह कर अकेलेपन से निजात पाने की मुफ्त सलाह देने से नहीं हिचकिचाते।

ज्यादातर बातों को वह यूँ ही मजाक में टाल देती है किंतु कभी-कभी वह इन सलाह-मशविरों से झुँझला जाती है क्योंकि उसने स्वयं कभी अकेलापन महसूस ही नहीं किया। हमेशा किसी न किसी गतिविधि में सक्रिय रहने के कारण उसने किसी मित्र या साथी में भी सहारा नहीं तलाश किया। उसकी नजर में उसकी व्यस्तता ही उसके रीतेपन की प्रतिपूर्ति है।

दूसरी ओर मेरी एक अन्य मित्र भरे-पूरे परिवार तथा मित्रों के बीच रहते हुए भी हमेशा अपने अकेलेपन और 'जिंदगी से बोर होने' का रोना रोती रहती है। हालाँकि अनेक कार्यों में वह भी व्यस्त रहती है लेकिन ये कार्य उसकी रुचि के अनुरूप नहीं हैं। इन दोनों उदाहरणों का यदि विश्लेषण करें तो लगता है कि वास्तव में अकेलापन एक मानसिक अवस्था है। किसी सुनसान या निर्जन इलाके में रहने पर अकेलापन महसूस करना सामान्य है किंतु सबके बीच रहते हुए भी असहाय, अकेला अनुभव करना चिंतनीय है।

इस तरह की मन:स्थिति दु:ख से परिपूर्ण होती है। इसके कई मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। इन कारणों को स्वयं ही दूर करने के प्रयास करना चाहिए। तभी अकेलेपन के भय से मुक्त हो सकेंगे। यहाँ-वहाँ अकेलेपन के साथी तलाशने के बजाए सबसे आसान तरीका यह है कि स्वयं से दोस्ती कर ली जाए। फिर अपने एकांत, निजता का लुत्फ कैसे उठाया जाए, इस पर एक सुव्यवस्थित योजना तैयार कर लें।

खालीपन का सुख वही जानते हैं, जिनका अभिजात्य व्यक्तित्व हो, साथ ही विविध रुचियों से सुसज्जित और परिपक्व हों। जिंदगी का कुछ वक्त एकांत में बिताने का एक सुखद और अनुपम एहसास होता है, जहाँ सिर्फ व्यक्ति अपने-आपको विश्लेषित करता है, अपनी अच्छाइयों पर विचार कर उन्हें पोषित करने के सपने बुनता है।

साथ ही अपने में समाहित बुराइयों से निजात पाने की चेष्टा करता है। यदि आप थोड़े वक्त भी एकांत में नहीं रह सकते हैं तो आप जीवन की एक बड़ी मधुर व गहरी अनुभूति के संगीत से वंचित हैं। यदि हर समय आप अपने पास किसी न किसी को साथ रहने का दबाव डालते हैं तो निश्चित ही आपका व्यक्तित्व बोझिल हो चुका है।
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