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जरा सोचें... दूसरों को डिस्टर्ब करने से पहले
- प्रतिभा अग्निहोत्र
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रात में साढ़े नौ बजे डोरबेल बजी तो मैंने यही सोचते हुए दरवाजा खोला कि इतनी रात में कौन होगा? दरवाजा खोला तो मि. साहनी सपरिवार बाहर खड़े थे। आइए भाई साहेब कहकर मैंने उनका स्वागत किया। बातचीत का सिलसिला और नाश्ता-पानी होते-होते जब वे लोग गए तो रात के साढ़े ग्यारह बज चुके थे। काम समाप्त करते-करते मुझे बारह बज गए थे और सुबह सात बजे मुझे खाना बनाकर स्कूल जाना था। साहनी परिवार के असमय आ जाने से मेरी वह रात और अगला दिन पूरा खराब हो गया।

इसी प्रकार निशा व उसके पति शाम को जब ऑफिस से लौटते हैं तो अक्सर दस-पंद्रह मिनट बाद ही उनकी पड़ोसन किसी न किसी बहाने से उनके घर आ जाती हैं, जबकि वह समय निशा व उसके पति सिर्फ अपने बच्चों के साथ बिताना चाहते हैं। पड़ोसन के रोज इस तरह आने से वेखीज उठते हैं।

ऐसे वाकयों से हमें और आपको रोज ही दो-चार होना पड़ता है। वास्तव में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी के घर जाते समय आपको अपनी नहीं, बल्कि सामने वाले की सुविधा-असुविधा का ध्यान रखना चाहिए। प्रस्तुत हैं ऐसी ही कुछ बातें, जिनका किसी के भी घर जाते समय हमें ध्यान रखना चाहिए-

* रात में किसी के घर जाते समय इस प्रकार से प्रोग्राम बनाएँ कि आप रात को नौ बजे से पूर्व अपने घर वापस आ जाएँ, ताकि आपके साथ-साथ जिनके घर आप जा रहे हैं, वे भी समय से सो सकें।

* सदैव पूर्व में सूचित करके ही किसी के घर जाएँ, ताकि आपके पहुँचने पर सामने वाला घर पर उपस्थित रहे और यदि उसे कोई पूर्व तैयारी करना हो तो वह कर सके। कुछ लोग सरप्राइज देने के चक्कर में फोन नहीं करते। इससे आपके साथ-साथ कई बार सामने वाले को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

* सुबह-सुबह किसी के घर जाने से परहेज करें, क्योंकि सुबह का वक्त आमतौर पर लोगों के स्नान, पूजा और घर की साफ-सफाई करने का होता है।

* जिन घरों में छोटे बच्चे होते हैं, ऐसे घरों में जाने से पूर्व आप फोन से यह अवश्य सुनिश्चित कर लें कि जिस समय में आप जा रही हैं वह
  सदैव पूर्व में सूचित करके ही किसी के घर जाएँ, ताकि आपके पहुँचने पर सामने वाला घर पर उपस्थित रहे और यदि उसे कोई पूर्व तैयारी करना हो तो वह कर सके। कुछ लोग सरप्राइज देने के चक्कर में फोन नहीं करते। इससे आपके साथ-साथ सामने वाले को भी असुविधा होती है।      
उनके बच्चे के सोने का समय तो नहीं है।


* देर रात में किसी के घर तभी जाएँ जब जाना बहुत आवश्यक हो। जाने से पूर्व फोन अवश्य कर लें।

* किसी के भी घर जाकर बातों में इतने मशगूल न हो जाएँ कि सामने वाले को अपने खाने और सोने के लिए आपके जाने का इंतजार करना पड़े।

* जहाँ पर पति-पत्नी सर्विस में हों, वहाँ जाने से पूर्व अवश्य सूचित करें। साथ ही ऐसे समय पर जाएँ, जब वे घर पर रिलेक्स हो चुके हों
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