प्रेम के कई रूप हैं, विभिन्न रिश्ते के साथ विभिन्न नाम। सत्य, निष्ठा, आस्था, भरोसा सब है, लेकिन लादा गया समझौता नहीं है प्रेम। वे दोनों भारत की एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करते हैं। दोनों का सालाना पैकेज लाखों में है। दोनों विजातीय हैं, एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और इस प्रेम की परिणिति विवाह के रूप में चाहते हैं। दोनों ने अपने परिजनों को इस बारे में जानकारी दी तो एक-दूजे के परिवार में आने-जाने तथा देखने-दिखाने के बाद दोनों की शादी तय हो गई। लेकिन सगाई की तारीख तय करने से ठीक पहले लड़के के माता-पिता ने लड़की के माता-पिता से भारी दहेज की माँग कर डाली, वो भी नकद राशि... |