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2008 की एमबीए इंट्रेंस एक्जाम
इंट्रेंस एक्जाम का विश्लेषण
क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूट सेक्शन में पूछे गए प्रश्नों को कठिन कहा जा सकता है। दरअसल इस सेक्शन ने ही पेपर को बैलेंस बनाया। डाटा इंटरपिटिशन और लॉजिकल रीजनिंग में से लॉजिकल रीजनिंग सेक्शन अपेक्षाकृत आसान रहा।

आईआईएफटी- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा 23 नवंबर को हुई। प्रवेश परीक्षा में सफल छात्र-छात्राएँ नई दिल्ली और कोलकाता स्थित इंस्टिट्यूट में प्रवेश पाते हैं।

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इस साल लगभग 35 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने आईआईएफटी प्रवेश परीक्षा में भाग लिया। पिछले दो सालों से आईआईएफटी की प्रवेश परीक्षा का पैटर्न बदल रहा है। इस साल भी पेपर थोड़े बदलाव के साथ था। इस साल के पेपर में आईआईएफटी के सब-सेक्शन को हटाकर छह अलग सेक्शन बनाए गए। डाटा इंटरपिटिशन और लॉजिकल रीजनिंग को पहले के मुकाबले अधिक महत्व दिया गया, जबकि मैथ्स के प्रश्नों की संख्या कम की गई। सभी सेक्शनों में इस तरह से प्रश्न पूछे गए, जिससे कि पेपर बैलेंस रहे। री‍डिंग कॉम्प्रेहैंसिव और इंग्लिश यूसेज के साथ जनरल नॉलेज के सेक्शन का स्वरूप पिछले साल की तरह ही रहा।

मैनेजमेंट एप्टिट्यूट टेस्ट (मैट)- मैट साल में चार बार आयोजित ‍की जाती है। दिसबंर माह में होने वाली मैट को ज्यादातर बी-स्कूल अधिक मान्यता देते हैं। 7 दिसबंर 2008 को हुए मैट के पेपर में उसी तरह जंबल्ड प्रश्न थे, जैसे कि सितंबर 2008 के पेपर में पूछे गए थे।

मैट दिसंबर 2008 में कुल 200 प्रश्न पूछे गए जिनके लिए 150 मिनट का समय निर्धारित था और प्रत्येक प्रश्न के लिए चार संभावित उत्तर दिए गए थे।

इसमें पाँच सेक्शन थे। री‍डिंग कॉम्प्रेहैंसिव और इंग्लिश यूसेज, क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूट, लॉजिकल रीजनिंग, डाटा इंटरपिटिशन और डाटा सफिशिएंसी और जनरल नॉलेज जैसे प्रत्येक सेक्शन से 40 प्रश्न पूछे गए, जो जंबल्ड प्रारूप में थे। 105 प्लस इस टेस्ट के लिए अच्छा स्कोर माना जा सकता है।

जेएमईटी- ज्वाइंट मैनेजमेंट इंट्रेंस टेस्ट उन आईआईटी स्टूडेंट्स के लिए है, जो मैनेजमेंट कोर्स करना चाहते हैं। यह टेस्ट इंजीनियरिंग और साइंस ग्रेजुएट के लिए नहीं है।

इस साल 14 दिसंबर को आयोजित जेएमईटी में देश के प्रमुख शहरों से हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पिछले साल की अपेक्षा इस साल के पेपर के पैटर्न में काफी बदलाव देखा गया। पहले जहाँ 150 प्रश्नों के लिए दो घंटे निर्धारित थे, वहीं इस साल 120 प्रश्नों के लिए 3 घंटे का समय दिया गया। पिछले साल की तुलना में इस बार पेपर भी आसान था। पेपर में चार सेक्शन थे और हर सेक्शन के अंतर्गत 30 प्रश्न पूछे गए।

जेएमईटी में स्टूडेंट 84 प्रश्नों को 75-80 प्रतिशत एक्यूरेसी से हल करने पर अगले दौर में आसानी से जगह बना सकते हैं।
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