एकदिवसीय क्रिकेट : भारत ने साल 2008 में पाँच एकदिवसीय श्रृंखलाएँ खेलीं। एशिया कप और पाकिस्तान में हुए किटप्लाय कप में भारत फाइनल में हार गया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में हुई कॉमनवेल्थ बैंक सिरीज जीतकर भारतीय टीम ने कमाल कर दिया।
श्रीलंका को उसी की धरती पर 3 -2 एकदिवसीय श्रृंखला में पटखनी देकर भारत ने विदेशी जमीं पर एक और श्रृंखला जीती। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में भारत ने उसे 5-0 से धोया। इस तरह पाँच एकदिवसीय श्रृंखलाओं में भारत ने तीन जीतीं और दो में उसे हार का सामना करना पड़ा। एकदिवसीय क्रिकेट में इस साल भारत का दबदबा रहा। इस दौरान भारतीय टीम ने कई प्रभावी जीत दर्ज की।
व्यक्तिगत उपलब्धियाँ- इस साल गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, युवराजसिंह, जहीर खान, महेंद्रसिंह धोनी ने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन की छाप छोड़ी।
गौतम गंभीर : भारतीय टीम को गंभीर के रूप में एक बेहतरीन बल्लेबाज मिला है। वे क्रिकेट के हर संस्करण में उपयोगी बल्लेबाज हैं। उन्होंने साल 2008 में एकदिवसीय क्रिकेट में एक हजार रन पूरे किए। सौरव गांगुली और सचिन तेंडुलकर के बाद गंभीर तीसरे ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं, जिन्होंने एक ही कैलेंडर वर्ष में एकदिवसीय और टेस्ट क्रिकेट में एक हजार रन पूरे किए।
युवराजसिंह : युवराजसिंह भारतीय क्रिकेट में सबसे ताकतवर खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। युवी लंबे समय से एकदिवसीय क्रिकेट में टीम इंडिया के फीनिशर की भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय सिरीज में युवी को मैन ऑफ द सिरीज का खिताब दिया गया।
वीरेंद्र सहवाग : सहवाग इस साल चर्चित खिलाड़ियों में से एक रहे। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर सहवाग ने कई मैचों में भारत को धमाकेदार शुरुआत की।
महेंद्रसिंह धोनी : अपनी कप्तानी के साथ-साथ धोनी ने अपने बल्ले से भी उम्दा प्रदर्शन किया। धोनी को इसी साल टेस्ट टीम की भी कप्तानी मिल गई। टेस्ट क्रिकेट में बतौर कप्तान धोनी अब तक शत प्रतिशत सफल रहे हैं।
जहीर खान : टेस्ट और एकदिवसीय क्रिकेट में जहीर खान ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रिवर्स स्विंग पर महारत से जहीर ने अंतिम ओवरों में कई बार प्रभावी गेंदबाजी की है।
2008 की प्रमुख क्रिकेट घटनाएँ सिडनी टेस्ट विवाद : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान एंड्रयू साइमंड्स और हरभजनसिंह के बीच मैदानी विवाद गहरा गया। बाद में इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान हरभजन को साइमंड्स पर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का दोषी पाया गया और उन पर एक टेस्ट मैच का प्रतिबंध भी लगाया गया। यह क्रिकेट को कलंकित कर देन वाली घटना थी, जिसमें आपसी कड़वाहट भी दिखाई दी।
आईपीएल : साल 2008 में इंडियन क्रिकेट लीग (आईपीएल) के पहले संस्करण का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ। यह क्रिकेट जगत में क्रांतिकारी घटना रही। आईपीएल ने क्रिकेट की लोकप्रियता को बढ़ाने के साथ-साथ कमाई के नए रिकॉर्ड बनाकर सफलता के झंडे गाड़े।
डोपिंग केस : पाकिस्तान के गेंदबाज मो. आसिफ को दुबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया। बाद में डोपिंग टेस्ट में उन्हें दोषी पाया गया। आसिफ नेल्ड्रोन नामक प्रतिबंधित पर्दाथ लेने के दोषी पाए गए और साल के खत्म होते-होते उनका मुकदमा चल रहा था।
हरभजन-श्रीसंथ थप्पड प्रकरण : आईपीएल के मैच के दौरान मुंबई इंडियंस टीम के हरभजनसिंह ने पंजाब किंग्स इलेवन के एस श्रीसंथ को मैच के बाद मैदान में करारा थप्पड़ मार दिया। इस घटना ने खेल भावना को आहत किया। बाद में आईपीएल कमेटी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हरभजन को सजा देते हुए उन पर प्रतिबंध लगाए। हरभजन ने थप्पड़ तो मार दिया, लेकिन इसके बदले उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।
बांग्लादेश के बागी खिलाड़ी : बांग्लादेश की राष्ट्रीय टीम अपने क्रिकेट बोर्ड से बगावत करते हुए बागी क्रिकेट लीग इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) में शामिल हो गई। इनमें कप्तान हबीब उल बशर, आलोक कपाली, आफताब अहमद, शहरयार नफीस सहित बांग्लादेश के के अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हुए। बाग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए इन बागी खिलाड़ियों पर 10 साल का प्रतिबंध लगा दिया।
भारत ने दौरा रद्द किया- मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत सरकार ने भारतीय क्रिकेट टीम का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया। |