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साल 2008 और क्रिकेट
शराफत खान
भारतीय क्रिकेट के लिए साल 2008 बेहतर रहा। इस साल भारतीय क्रिकेट टीम ने कुल पाँच टेस्ट श्रृंखलाएँ और इतनी ही एकदिवसीय श्रृंखलाओं में भाग लिया। इसी साल एक तरफ जहाँ अनिल कुंबले और सौरव गांगुली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ियों ने क्रिकेट से संन्यास लिया, वहीं महेंद्रसिंह धोनी, गौतम गंभीर, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराजसिंह जैसे खिलाड़ियों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया।

टेस्ट क्रिकेट : भारत ने इस साल ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाएँ खेलीं। बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सिरीज दो बार खेली गई और दोनों ही बार इसे मेजबान टीम ने जीता। याने साल के शुरुआत में जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया तो मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने यह सिरीज 2-1 से जीती।

PTI
अक्टूबर में जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत का दौरा किया तो भारत ने यह सिरीज 2-1 से जीतकर हिसाब बराबर कर दिया। कुल पाँच टेस्ट सिरीज में भारत ने दो जीतीं और दो हारीं, एक टेस्ट सिरीज (दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध) का कोई परिणाम नहीं निकल सका। भारत को टेस्ट सिरीज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका से पराजय मिली, जबकि उसने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को हराकर दो सिरीज जीतने में कामयाबी भी हासिल की।

व्यक्तिगत उपलब्धियाँ-
सचिन तेंडुलकर : साल 2008 में सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के नाम रही। सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में वेस्टइंडीज के ब्रायन चार्ल्स लारा का सर्वाधिक रनों का रिकॉर्ड तोड़कर खुद का नाम सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पहले नंबर पर कर लिया। तेंडुलकर ने साल 2008 में कुल चार शतक जमाए।

17 अक्टूबर 2008 को सचिन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली टेस्ट में लारा के 11953 रनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। इस दौरान सचिन टेस्ट क्रिकेट में 12000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए।

गौतम गंभीर : गौतम गंभीर ने एकदिवसीय क्रिकेट के साथ इस साल खुद को टेस्ट क्रिकेट में भी स्थापित किया। गंभीर ने इस साल तीन टेस्ट शतक ठोंके। इनमें से दो शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और एक-एक शतक बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ बनाया। इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गंभीर ने अपने घरेलू मैदान (फिरोजशाह कोटला मैदान, दिल्ली) पर दोहरा शतक भी जमाया। गंभीर ने साल 2008 में टेस्ट क्रिकेट में एक हजार रन पूरे किए इस दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गंभीर को प्रोमोशन देते हुए उन्हें ए ग्रेड अनुबंध में शामिल किया।

वीरेंद्र सहवाग : विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने साल 2008 के कैलेंडर में एक हजार से ज्यादा रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक तिहरा शतक (319 रन , 26 मार्च 2008, विरुद्ध दक्षिण अफ्रीका, चेन्नई) और एक दोहरे शतक (201 रन नाबाद, 31 जुलाई 2008, गाले टेस्ट, विरुद्ध श्रीलंका) के साथ साल में कुल तीन शतक जमाए। इस दौरान सहवाग दो बार नर्वस नाइनटीज का शिकार भी हुए।

हरभजनसिंह : हरभजन इस साल टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे करके भारत के सबसे सफल ऑफ स्पिनर बने। वे पहले भारतीय ऑफ स्पिनर बने, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट का आँकड़ा हासिल किया। इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट के दौरान हरभजन ने 310वाँ विकेट लेने के साथ ही खुद को दुनिया का दूसरा सबसे सफल ऑफ स्पिनर साबित कर दिया।

ND
हरभजन ने इंग्लैंड के ओपनर एंड्रयू स्ट्रॉस को जैसे ही वीवीएस लक्ष्मण के हाथों लपकवाकर अपना 310वाँ टेस्ट विकेट लिया वैसे ही उन्होंने वेस्टइंडीज के ऑफ स्पिनर गिब्स (309) को पीछे छोड़ दिया।

हरभजन इसके साथ ही टेस्ट इतिहास के दूसरे सबसे सफल आफ स्पिनर बन गए। दुनिया के नम्बर एक ऑफ स्पिनर श्रीलंका के विश्व रिकॉर्डधारी मुथैया मुरलीधरन हैं।
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