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महात्मा गाँधी
महात्मा गाँधी PR
महात्मा गाँधी ने भारत आकर अपना पहला महत्वपूर्ण भाषण 6 फरवरी 1916 को बनारस में दिया था। उस दिन भारत के वायस राय लार्ड हार्डिंग वहाँ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने आए थे। महामना मदनमोहन मालवीय के विशेष निमंत्रण पर महात्मा गाँधी भी इस समारोह में शामिल हुए थे। समारोह की अध्यक्षता महाराज दरभंगा कर रहे थे। मंच पर लार्डहार्डिंग के साथ श्रीमती एनी बेसेंट और मालवीयजी भी थे। समारोह में हीरे-जवाहरात जड़े बहुमूल्य आभूषणों से चमकते-दमकते बड़ी संख्या में देश के राजा-महाराजा भी शामिल हुए थे। ये लोग देश के कोने-कोने से तीस विशेष रेलगाड़ियों...
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महात्मा गाँधी
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गाँधी की प्रासंगिकता
गाँधी की प्रासंगिकता पर विचार करने के पूर्व यह जानना आवश्यक है कि गाँधी के व्यक्तित्व एवं विचार दर्शन का मूल आधार क्या है? व्यक्तित्व की दृष्टि से विचार करें तो गाँधीजी राजनीतिज्ञ हैं, दार्शनिक हैं, सुधारक हैं, आचारशास्त्री हैं, अर्थशास्त्री हैं, क्रान्तिकारी हैं। समग्र दृष्टि से गाँधी के व्यक्तित्व में इन सबका सम्मिश्रण है। मगर इस व्यक्तित्व का मूल आधार धार्मिकता है। गाँधी का धर्म परम्परागत धर्म नहीं है। गाँधी का धर्म विभाजक दीवारें...
डाक टिकटों में मोहन से महात्मा
गाँधी के जीवन में उपेक्षित अध्याय
तॉल्सतॉय को गाँधीजी का एक पत्र
तॉल्सतॉय और गाँधी
गाँधीजी को श्रद्धांजलि
महासंग्राम का शंखनाद
महात्मा गाँधी की फोटोगैलरी
विविध
मृत्यु का पूर्वाभास हो गया था गाँधीजी को
लाठी और लँगोटी वाला एक संत
दो गाँधी आमने-सामने
स्वतंत्रता बनाम स्वराज्य
बा के नाम बापू का पत्र
नेहरू के नाम बापू का पत्र
मोहनदास से महात्‍मा तक...
आज भी प्रासंगिक हैं गाँधी
एकला चलो रे...
वैष्‍णव जण तो
गाँधी मार्ग
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