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भ्रांत राष्ट्रीयता से मोहित न हों ND
भ्रांत राष्ट्रीयता से मोहित न हों

भारत की अखंडता के महत्व को बताते हुए वीर सावरकरजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि मुसलमान पाकिस्तान के लिए कृतनिश्चय हो तो हिन्दू को कमर कसना होगी। उन्हें संगठित होना होगा। यदि देश खंडित होता है तो स्वतंत्रता किस काम की? देश की अखंडता के लिए संघर्ष करना हमारा दायित्व है, इसलिए संधि-समझौतों को अस्वीकार कर दो, संगठित हो जाओ और उचित समय की प्रतीक्षा में रहो। इसी उद्देश्य से वीरजी ने अपने भाषण के समापन अंश में हिन्दुओं को एक व्यावहारिक कार्यक्रम दिया, हिन्दुओं का सैनिकीकरण, युद्ध सामग्री और अस्त्र-शस्त्र निर्माण के कारखाने बढ़ाना, सभी स्तरों की प्रतिनिधि संस्थाओं पर अधिकार…

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गणतंत्र दिवस
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मैं राष्ट्रध्वज बोल रहा हूँ.....!
मैं आपका अपना राष्ट्रध्वज बोल रहा हूँ। गुलामी की काली स्याह रात के अंतिम प्रहर जब स्वतंत्रता का सूर्य निकलने का संकेत प्रभात बेला ने दिया, तब 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा के कक्ष में पं. जवाहरलाल नेहरू ने मुझे विश्व एवं भारत के नागरिकों के सामने प्रस्तुत किया, यह मेरा जन्म-पल था। मुझे भारत का राष्ट्रध्वज स्वीकार कर सम्मान दिया गया। इस अवसर पर पं. नेहरू ने बड़ा मार्मिक भाषण भी दिया तथा माननीय सदस्यों के समक्ष…
संविधान की आबरू नागरिकों के हाथ
गणतंत्र को गुणतंत्र बनाने की जवाबदेही
बुनियादी अधिकारों से जुड़ी नागरिक आजादी
पं. दीनदयाल उपाध्याय की डायरी
संविधान की खास बातें
'वंदे मातरम्'
गणतंत्र दिवस की फोटोगैलरी
विविध
एकला चलो रे...
पं. दीनदयाल उपाध्याय की डायरी
असंतोष की लहर ले सकती है विस्फोट का रूप
लक्ष्य प्राप्ति हेतु स्वतंत्रता को सुरक्षित रखना जरूरी : डॉ. प्रसाद
आशा के साथ भविष्य का सामना
सरदार पटेल का भाषण
स्वतंत्रता बनाम स्वराज्य
राममनोहर लोहिया की राय
स्वराज्य आखिरी मंजिल नहीं
जन गण मन....
संविधान की खास बातें
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