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जनतंत्र की सही परिभाषा समझने और समझाने वाले पं. नेहरू ND
जनतंत्र की सही परिभाषा समझने और समझाने वाले पं. नेहरू

घटना अंकलेश्वर की है। उन दिनों वहाँ तेल की खोज के लिए अनेक कुएँ खोदे गए थे। एक कुएँ में से जब तेल की धारा फूट पड़ी तो सर्वत्र प्रसन्नता की लहर दौड़ गई। तेल की यह धारा हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य की प्रतीक थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू भी उस कुएँ को देखने के लिए अंकलेश्वर पहुँचे। इस तेल के कुछ धब्बे नेहरूजी की अचकन पर भी पड़ गए। अधिकारियों को चिंता हुई। उन्होंने सलाह दी कि अचकन बदल ली जाए, मगर नेहरूजी ने उसकी कोई आवश्यकता नहीं समझी। इसके विपरीत उन्होंने बड़े गर्व...

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बाल दिवस
ND
 
जिंदा है चाचा नेहरू की यादें
मिलनसार व्यक्तित्व और दूरदृष्टि के धनी पंडित जवाहरलाल नेहरू का आम लोगों से गहरा जुड़ाव था। उनकी विशेषताओं और व्यवहार की छाप भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं राजनीति में ही नहीं बल्कि आम लोगों में उनकी लोकप्रियता पर भी देखी जा सकती है। चाचा नेहरू के पारदर्शी व्यवहार का नमूना इंदौर के लोगों को भी देखने को मिला था जब वे 3 नवंबर 1958 को कांग्रेस अधिवेशन में शामिल होने यहाँ आए थे...
एक जवाहरलाल
जन्मदिवस का एक प्रसंग
सेवा और समर्पण से परिपूर्ण जीवन
मानवता के लिए प्यार था उनके दिल में
नेहरूजी और पुस्तकें
ऐसे थे पं. नेहरू
चाचा नेहरू की फोटोगैलरी
विविध
बच्चे एडवर्ल्ड के 'सुपरमैन'
ऐसे जिंदादिल थे पं. नेहरू
संसार पुस्‍तक है
नियति से सामना
शुरू का इतिहास कैसे लिखा गया
वे अपने विरोधियों से सहमत होने से....
नेहरू के बाद बच्चों को डॉ. कलाम प्रिय
जनतंत्र की परिभाषा समझाने वाले नेहरू
गाँधीजी ने पं. नेहरू को ही उत्तराधिकारी क्यों चुना?
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