1948 नाथूराम गोडसे को फाँसी : राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की गोली मारकर हत्या करने वाले हत्यारे नाथूराम गोडसे को 15 नवंबर, 1948 में फाँसी की सजा दी गई थी।
1950 असम का भूकंप: 15 अगस्त, 1950, जब पूरा देश स्वतंत्रता दिवस की खुशियाँ मना रहा था, उसी समय असम के लोगों पर प्रकृति का कहर टूटा। इस दिन आए भूकंप में करीब दो हजार लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग घायल और बेघर हो गए।
प्रथम न्यायाधीश: सन् 1950 में भारत हीरालाल जे. कानिया ने भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश का पदभार ग्रहण किया। इस तरह भारत की न्यायपालिका के अस्तित्व को पूर्णता मिली।
ईसाई मिशनरियों का आगमन: इसी वर्ष में मदर टेरेसा 12 अन्य ननों के साथ भारत आईं और भारत सरकार ने उन्हें यहाँ पर रहकर सेवा कार्य करने की अनुमति प्रदान की।
लौहयुग का अंत: सन् 1950 में लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल इस दुनिया से विदा हो गए। स्वतंत्रता के पश्चात् लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने भारत निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह की।
1951 लोकतंत्र का महायज्ञ 1951 में भारतीय लोकतंत्र ने अपना पहला कदम आगे बढ़ाया। इसी वर्ष भारत में प्रथम लोकसभा चुनाव हुए। हिमाचल प्रदेश के चीनी नामक गाँव के नागरिक ने लोकतंत्र के इस महायज्ञ में प्रथम आहुति दी। इस गाँव के लोगों को आजाद भारत में सबसे पहले अपनी सरकार बनाने का श्रेय मिला।
विकास की इबारत स्विट्जरलैंड के वास्तुकार ली कॉबर्सियर ने हिंदुस्तान के शहर चंडीगढ़ की परिकल्पना तैयार की और इस तरह ऐसा एक शहर बसाने का नेहरू का सपना साकार हुआ।
तकनीकी विकास की नींव भारत को तकनीकी रूप से सक्षम और समर्थ बनाने के उद्देश्य से 1951 में पश्चिम बंगाल के खडगपुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की नींव रखी गई। इसी पर भारत के तकनीकी विकास की इमारत खड़ी हुई।
1952 1952 में सुकुमार सेन भारत के प्रथम चुनाव आयुक्त बने। पहले चुनाव और फिर चुनाव आयुक्त की नियुक्ति। आजाद भारत का सफर कुछ इस तरह आगे बढ़ रहा था।
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