काँग्रेस की स्थापना : दिसंबर 1885 में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना हुई। ए.ओ. ह्यूम इसके पहले अध्यक्ष मनोनीत हुए। काँग्रेस का पहला अधिवेशन मुंबई में डब्लू.सी. बनर्जी के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
बंगाल विभाजन : 20 जुलाई, 1905 को बंगाल को दो हिस्सों में विभक्त कर दिया गया। पश्चिमी और पूर्वी बंगाल नाम से दो अलग-अलग क्षेत्र हो गए।
मुस्लिम लीग की स्थापना : 30 दिसंबर, 1906 को ढाका में मुस्लिम-लीग नामक संगठन की स्थापना हुई। यह पहली बार था, जब इतने बड़े पैमाने पर मुस्लिम नेता एकजुट हुए। सलीम उल्लाह खान ने पहली बार यह प्रस्ताव रखा था, जिसमें एक ऐसे संगठन कही गई थी, जो मुस्लिमों के हित की बात कहे।
खुदीराम बोस को फाँसी: 1908 में खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने मुजफ्फरपुर में बम फेंका। गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रफुल्ल चाकी ने खुद को गोली मार ली, लेकिन खुदीराम बोस को उस कृत्य के लिए फाँसी की सजा दी गई।
इंडियन कौंसिल एक्ट: 1909 में संवैधानिक सुधारों की घोषणा के साथ ही इंडियन कौसिंल एक्ट लागू किया गया। यह कानून मोर्ले-मिंटो के नाम से जाना गया, जो मुख्य रूप से नरमपंथियों को खुश करने की कोशिश थी।
बंगाल का एकीकरण: 1911 में ब्रिटिश सरकार ने बंगाल विभाजन को समाप्त कर दिया गया। पश्चिमी और पूर्वी बंगाल को मिला दिया गया। साथ ही बिहार और उड़ीसा को अलग राज्य बना दिया गया।
गदर पार्टी की स्थापना: 1913 में अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीय क्रांतिकारियों ने 'गदर पार्टी' की स्थापना की। लाला हरदयाल इस पार्टी के संस्थापकों में से एक थे।
होम रूल लीग: 1914 में प्रथम विश्वयुद्ध का कहर भारतीयों पर भी टूटा। उसी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए 1915-16 में लोकमान्य तिलक और एनी बेसेंट के नेतृत्व में दो होमरूल लीगों की स्थापना की गई। तिलक का नारा था- ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है।’
गाँधीजी की वापसी: 9 जनवरी, 1915 को गाँधीजी दक्षिण अफ्रीका से वकालत की डिग्री लेकर भारत वापस लौटे।
नरमपंथ-गरमपंथ एकता: 1916 में काँग्रेस के लखनऊ अधिवेशन के बाद एक ऐतिहासिक घटना हुई, जिसमें नरमपंथ और गरमपंथ फिर एक हो गए। अहमदाबाद में साबरमती आश्रम की स्थापना की गई।
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