(ब्राऊनिंग : इंग्लैंड का वह विश्व प्रसिद्ध रोमांटिक कवि, जिसने अनेक महाकाव्य (बैलड्स) लिखे...) शनिवार 1 बजे, 12.9.1846 प्रिये,तुम थोड़े-से ही शब्दों की उम्मीद करोगी, पर वे होंगे क्या? जब दिल लबालब भरा होता है, तो वह बह निकलता है, असल में भरा हुआ दिल छलकता नहीं। कल तुमने मुझसे...