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यह मेरा मौन एकांत
फाल्गुन

अकेलापन मेरा
बहुत शांत और मायूस है
'तुम किसी के हो चुके हो'
यह वाक्य ही पर्याप्त है
मेरा एकांत में
गूँजती, चहकती
शोर मचाती, गुदगुदाती तुम्हारी
यादों को खामोश
करने के लिए,
यह मेरा मौन एकांत
अब कभी मुखर नहीं होगा
साया भी मेरा
रहगुज़र नहीं होगा।
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थोड़ा इंतजार का मजा लीजिए
तुम तो नीरे पतझड़ हो
गुजर गई हूँ मैं...!
फिर एक कहानी अधूरी
तुम ही कुछ लिखो
तलाश है मुझे