वैवाहिक जीवन में उष्णता बनाए रखना दूर जाने से ज्यादा आसान है। मन में कई तरह की गलतफहमियों, अहंकार तथा कड़वेपन को जगह देने की बजाय यदि पति-पत्नी छोटी-छोटी बातों से एक-दूसरे के दिल में बने रहें तो जिंदगी से शायद किसी को शिकायत भी न हो। इससे दाम्पत्य जीवन में हमेशा ताजगी भी बनी रहती है।
सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल अदिति ने अपने ही सहकर्मी अतुल से पाँच वर्ष पूर्व विवाह किया है। वे कहती हैं- 'यह सही है कि जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा रफ्तार भरी हो गई है, लेकिन उसमें से कुछ पल भी अगर हम सिर्फ और सिर्फ अपने लिए चुरा लें तो हमारे बीच का बंधन और मजबूत हो जाता है। चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए अतुल और मैं हर साल दस दिन की छुट्टी लेते हैं और आस-पास ही कहीं ऐसी जगह चल पड़ते हैं जहाँ घर और ऑफिस की टेंशन न हो।
आप यकीन नहीं मानेंगे कि दस की दिन वे छुट्टियाँ हम दोनों में साल भर के लिए एनर्जी भर देती हैं। इससे हमारे काम करने की इच्छाशक्ति और 'कैपेबलिटी' भी बढ़ जाती है। अब तो किसी बड़े प्रोजेक्ट के आने से पहले मेरे बॉस भी हँसी-हँसी में कह देते हैं कि अदिति, अतुल से बोलो तुम्हें कहीं घुमा लाए। यकीन मानिए, एक-दूसरे के साथ बिताया एक-एक पल आपके लिए जिंदगी भर की अनमोल याद बन जाता है।'
दिन ब दिन व्यस्त होती जिंदगी के बीच रिश्तों में करीबियाँ लाने के लिए लोग अब पहले से कहीं ज्यादा सचेत हो गए हैं। छोटे परिवारों और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच दाम्पत्य जीवन को भी सुदृढ़ तथा प्रवाहमान बनाए रखने के लिए अब लोग पहले से कहीं ज्यादा प्रयोग करने लगे हैं तथा समय देने लगे हैं।
एक निजी बुटीक की संचालक पायल मल्होत्रा कहती हैं- 'प्रकाश (पायल के पति) का प्रॉपर्टी का बिजनेस है। उनके पास टाइम की बहुत कमी होती है। फिर जब भी कुछ प्रोग्राम बनाओ कुछ न कुछ अड़ंगे लगे ही रहते हैं। इसके चलते हम पिछले पाँच सालों से दिल्ली के बाहर नहीं जा पाए, लेकिन प्रकाश इस बात को समझते हैं और हम कम से कम महीने में एक बार छत पर साथ बैठकर बतियाने या वीसीडी पर एक अच्छी-सी फिल्म देखने का प्रोग्राम बना ही लेते हैं।
हमारी कोशिश होती है कि हम अपने बीच 'कम्युनिकेशन गैप' न आने दें और कैसे भी करके अपने लिए कुछ घंटे निकाल ही लें। जिंदगी की भागदौड़ और काम तो लगे ही रहते हैं। वो कभी खत्म नहीं होने वाले लेकिन उनके पीछे अपने रिश्ते में दूरियाँ पैदा कर लेना बिलकुल गलत है।'
ये बातें आपको न केवल एक-दूसरे के करीब लाएँगी बल्कि एक-दूसरे की उन खूबियों-खामियों से भी परिचित करवा जाएँगी, जिनके बारे में आप जानते नहीं थे। इसलिए जीवन के इन अनमोल पलों की कद्र कीजिए और एक-दूसरे को वक्त दीजिए ताकि आपका दाम्पत्य जीवन हमेशा तरोताजा बना रहे। फिर जब पचास साल बाद भी यादों की पोटली खोलें तो इन पलों की सुनहरी दमक पूरी जिंदगी को रोशन कर डाले।