- विशाल मिश्रा राजू ने निलेश से पूछा क्या बात है आज अकेले-अकेले। नीलम कहाँ गई? अरे नाम मत ले यार उसका और आज के बाद भी मत लेना मेरे सामने उसका नाम। आज निलेश और नीलम ने डेट पर जाने का प्लान बनाया था। निलेश तो तय जगह पर पहुँच गया लेकिन नीलम नहीं पहुँची 1 घंटा, 2 घंटा वेट करने के बाद भी ना ही कोई कॉल आया और ना ही नीलम आई और निलेश जब उसके मोबाइल पर कॉल लगा रहा था तो स्विच बंद आ रहा था।डेट का मजा तो सारा किरकिरा हुआ ही उसके साथ अब उसे गुस्सा बहुत आ रहा था। स्वाभाविक ही था क्योंकि उसका सारा बना बनाया प्लान सब चौपट हो गया था। वहाँ से उठकर चला आया। पूरा दिन इधर-उधर घूमता रहा लेकिन सीने में आग की लपटें उठ रही थी।दिमाग में एक ही सवाल आखिर नीलम आई क्यों नहीं। जबकि सुबह ही मैंने उससे बात की थी और उसने आने का वादा किया था। निलेश का दोस्त राजू नीलम को भी अच्छी तरह से जानता था और वह समझ गया था कि ऐसी कोई मजबूरी आ गई होगी जिससे वह न आ सकी। लेकिन निलेश तो उसकी ऐसी कोई बात सुनने को तैयार ही नहीं था।अगले दिन सुबह उसके फोन पर नीलम के कई फोन कॉल्स आए लेकिन वह नहीं उठा रहा था। आखिर वह तो प्रतिशोध की ज्वाला में जल रहा था। | | इसलिए दोस्तो बगैर वस्तुस्थिति का पता लगाए किसी नतीजे पर पहुँचना गलत है। आज की बिजी लाइफ में किसी भी व्यक्ति के सामने कभी भी कोई सा भी ऐसा काम आ सकता है या हादसा हो सकता है कि वह अपना वादा निभाने में असमर्थ हो और आपको इस बारे में सूचना भी न दे सके। |
| |
राजू ने अन्य दोस्तों की मदद से पता लगवाया कि बीती रात नीलम को जो फीवर था। वह कम ज्यादा होते-होते 102 डिग्री तक पहुँच गया था और उसकी मम्मी ने उसका मोबाइल भी लेकर स्विच ऑफ कर दिया था ताकि कोई उसे डिस्टर्ब न करे। यह सारी बात उसने निलेश को बताई। हकीकत पता चलते ही वह बहुत दुखी हुआ और शर्मिंदा भी। फिर उसने कॉल कर नीलम की तबियत के बारे में पूछा। नीलम ने उस दिन की डेट कैंसल होने के लिए सॉरी बोला।साथ ही बताया कि उस दिन सुबह मुझे हल्का सा बुखार था मैंने उसे लाइटली लिया और सोचा शाम तक ठीक हो जाएगा और हम घूमने जा सकेंगे लेकिन हुआ उल्टा ही।इसलिए दोस्तो बगैर वस्तुस्थिति का पता लगाए किसी नतीजे पर पहुँचना गलत है। आज की बिजी लाइफ में किसी भी व्यक्ति के सामने कभी भी कोई सा भी ऐसा काम आ सकता है या हादसा हो सकता है कि वह अपना वादा निभाने में असमर्थ हो और आपको इस बारे में सूचना भी न दे सके। क्योंकि मोबाइल नेटवर्क फेल होना या मोबाइल रेंज में न होना आदि अनेक परेशानियाँ हैं जो कभी भी आ सकती हैं। और वैसे भी कहते हैं कि जब मुसीबत आती है तो चारों तरफ से आती है। जिस समय आपको अर्जेंट रुपयों की जरूरत हो तो हो सकता है कि आपका एटीएम लिंक फेल बता रहा हो। इसलिए 'एव्हरी थिंग इज पोसिबल' ही मानकर चलना चाहिए। |