वेबदुनिया न्यूज कॉलेज में पढ़ाई के दौरान की बात है। एक बहुत ही स्मार्ट और इंटेलीजेंट लड़का हमारे साथ पढ़ता था, नितिन। सुनने में आता था कि नितिन का किसी लड़की के साथ अफेयर था। लड़की आकर्षक थी। पिछले दिनों घर जाने के दौरान उस लड़की को दूसरे लड़के के साथ देखा। पता चला कि उस लड़की का अफेयर किसी दूसरी लड़के से चलने लगा है। इस बात से भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह लगी कि नितिन इससे गहरे सदमें में है और दूसरों से संपर्क रखना छोड़ दिया है।
अक्सर ऐसे मामले हम सभी के सामने आते हैं, जब ब्रेक-अप होने का सदमा लड़के या लड़कियाँ बर्दाश्त नहीं कर पाते। दरअसल प्यार होना जितना अप्रत्याशित होता है, उतना ही अप्रत्याशित उसका ब्रेक होना भी। फिल्म कसूर के इस गाने पर ध्यान दीजिए - दिल मेरा तोड़ दिया बुरा क्यों मानूँ। उसको हक है, वो मुझे प्यार करे या ना करे। और ‘दिल चाहता है’ का एक डॉयलाग कि - प्यार फैसले से नहीं होता है, पर गौर कीजिए। इन दोनों में गहरा संबंध है।
पहली बात, प्यार के लिए कोई प्लानिंग नहीं होती है, इसके लिए कोई शर्त नहीं होती है और न ही कोई वजह होती है। अगर आपके प्यार में इन तीनों में से कोई भी बात हो तो यह बात अच्छे से समझ लीजिए कि वहाँ प्यार नहीं है और अगर प्यार नहीं है तो उसके आने और जाने का क्या मतलब। ऐसे ‘प्यार’ के लिए निराश होने की भी जरूरत नहीं है।
दूसरी जब आपके प्यार में शर्त नहीं है तो अब किस बात की शर्त या ईगो। क्या आपने प्यार के पहले कई बातें तय की थीं, मसलन- ये करना है, ये नहीं करना है, उससे बात करनी है, उससे नहीं करनी, तो आपके प्यार की वजह तय की हुई थी और वजह खत्म होने के कारण प्यार भी आपसे दूर चला गया।
ब्रेक अप होने के बाद निराश होने की जरूरत नहीं है। ये सोचें कि सही समय पर हो गया। बाद में ऐसा होता तो आपको ज्यादा निराशा होती। व्यक्ति की पहचान जितनी जल्दी हो जाए, उतना ही बेहतर है। ब्रेक अप होने पर अपना ध्यान दूसरे सकारात्मक कार्यों में लगाएँ और अपने को व्यस्त रखें। कुछ सकारात्मक कार्य करें। अपने आप में हीनभावना नहीं आने दें और माने कि आप सबसे बेहतर है। अगर गलतियाँ हो गई हों तो उसके लिए माफी माँग लें।
माफी माँगने से आधे अवसाद स्वयं समाप्त हो जाते हैं। वैसे गलतियाँ करना मनुष्य का स्वभाव है, इसलिए गलतियों से सीख लें। जीवन के प्रति आशान्वित रहें और हाँ ‘खूबसूरत गलतियाँ’ करने से कभी मुँह न मोड़ें। लेकिन इस बार ऐसी गलती करते समय किसी वजह की तलाश न करें, न ही उससे कोई शर्त रखें। फिर आप भी गाएँ - ‘जिंदगी कितनी खूबसूरत है, आइए आपकी जरूरत है।’
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